मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत राज्य में 697 ग्राम पंचायत में से शेष 227 ग्राम पंचायत भवनों में समयबद्धता से विद्युतीकरण के निर्देश दिए हैं। ताकि इनमें जल्द से जल्द ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी दी जा सके। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य की कठिन भौगोलिक स्थिति, सामरिक महत्व और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भारतनेट प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने सचिवालय में पीएम प्रगति पोर्टल के तहत भारतनेट, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे, देवबंद-रुड़की रेलवे लाइन प्रोजेक्ट तथा AMRUT 2.0 ( Atal Mission For Rejuvenation & Urban Transformation 2.0) और PM-ABHIM (PM-Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission) कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में राज्य में भारतनेट प्रोजेक्ट की प्रगति के संबंध में जानकारी दी गई कि 697 ग्राम पंचायतों में से 339 को स्थायी कनेक्शन के साथ विद्युतीकृत कर दिया गया है। 173 ग्राम पंचायतों ने विद्युतीकरण के लिए यूपीसीएल को आवश्यक शुल्क का भुगतान कर दिया है। 43 ग्राम पंचायतों को शहरी क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां 33 के विद्युतीकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है और शेष 10 साइटों को विद्यालयी शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित किया जा रहा है। 98 ग्राम पंचायतों को बिना ग्राम पंचायत भवन की श्रेणी में सूचीबद्ध किया गया है।शेष 44 ग्राम पंचायतें बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन करने और भुगतान करने की प्रक्रिया में हैं। मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे तथा देवबंद रुड़की रेलवे लाइन प्रोजेक्ट के त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन से प्रभावी समन्वय के भी निर्देश दिए हैं।

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