16 February 2026

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प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में गंभीर मुद्दों पर चर्चा

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन में गंभीर मुद्दों पर चर्चा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के दून विश्वविद्यालय में आयोजित “प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन” में सभी प्रवासी उत्तराखण्डियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस विशेष सम्मेलन का उद्देश्य प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना और उनके साथ संवाद स्थापित करना था। सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख सत्रों का आयोजन हुआ, जिनमें राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन, निवेश के अवसर और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

प्रथम सत्र में उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन क्षेत्र के योगदान और विभिन्न निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर सुश्री पूजा गर्ब्याल, अपर सचिव, पर्यटन उत्तराखण्ड थीं और इसका संचालन श्री प्रतीक जैन, महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग द्वारा किया गया। सत्र के पैनलिस्ट ने विभिन्न उद्योगों में संभावित निवेश और रोजगार के अवसरों पर अपने अनुभव साझा किए।

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इस सत्र के पैनलिस्ट में एस.आर. नौटियाल एमडी, स्पार्क टेक्नोलॉजीस ने तकनीकी क्षेत्र में निवेश के बारे में चर्चा की।श्री गोर्की चंदोला, होम स्टे के संस्थापक ने होम स्टे के माध्यम से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। श्री संजय शर्मा, इको ग्लैम्पिंग रिसॉर्ट काणाताल के संस्थापक ने इको-टूरिज्म की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। कर्नल अश्विनी पुंडीर, एडिशनल सीईओ (एडवेंचर) यूटीडीबी ने साहसिक पर्यटन के विस्तार पर विचार व्यक्त किए। श्री रजत जैन, सनफॉक्स टेक्नोलॉजीस के संस्थापक ने पर्यावरण अनुकूल तकनीकी समाधानों की संभावनाएँ उजागर की।

दूसरे सत्र में उत्तराखण्ड में कृषि, बागवानी और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में प्रगति पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस सत्र की कोऑर्डिनेटर राधिका झा सचिव, उत्तराखण्ड थीं और इसका संचालन विनय कुमार प्रबंधक निदेशक, यू.ओ.सी.बी. द्वारा किया गया। पैनल में विशिष्ट विशेषज्ञों और उद्यमियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

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पैनलिस्ट में शामिल मशरूम विशेषज्ञ और उद्यमी नवीन पटवाल ने मशरूम की खेती के बढ़ते अवसरों पर बात की। पद्मश्री प्रेमचंद शर्मा ने कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए। रॉबिन नागर, संस्थापक एवं सीईओ, वैलीकल्चर इंडिया ने जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य को बढ़ावा देने के सुझाव दिए। शालिनी चौहान, हिमालयन हर्बेरिया की सीईओ ने औषधीय पौधों की खेती में संभावनाओं को सामने रखा।

डॉ. नृपेन्द्र चौहान, निदेशक, सगन्ध पादप केंद्र ने सगंध पौधों की खेती और प्रसंस्करण के बढ़ते अवसरों को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में प्रवासी उत्तराखण्डियों के राज्य के विकास में योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के प्रवासियों के पास न केवल अनुभव और संसाधन हैं, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम भी है। यह सम्मेलन प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य के विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

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सम्मेलन के अंत में प्रवासी उत्तराखण्डियों ने राज्य में निवेश और रोजगार के लिए संभावनाओं की खोज और उत्तराखण्ड के विकास में अपनी भूमिका निभाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सम्मेलन उत्तराखण्ड की स्थिर और सतत आर्थिक प्रगति के लिए नए मार्ग खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।