14 February 2026

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आशा नौटियाल के केदारनाथ में शराब और मांस वाले बयान पर मनोज रावत ने बीजेपी को घेरा

आशा नौटियाल के केदारनाथ में शराब और मांस वाले बयान पर मनोज रावत ने बीजेपी को घेरा

केदारनाथ से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के शराब और मांस के व्यापार और गैर हिंदुओं के केदार में आने से रोक के बयान पर केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने तीखा हमला बोला है। मनोज रावत ने कहा कि विधायक आशा नौटियाल की पार्टी की केंद्र से लेकर पंचायतों तक सरकार होने के बाद भी अगर केदारनाथ तक शराब और मांस पहुंचा तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। धर्मस्थलों की पवित्रता बनाये रखने में भी ये सरकार नाकाम साबित हुयी अब अपनी छिछालेदर से बचने के लिये इस पूरे मसले को हिन्दू मुसलमान में उलझाया जा रहा है उन्होंने कहा कि विधायक नौटियाल को आंकड़ों के साथ बताना चाहिए कि पिछले पांच सालों में किस धर्म के लोग शराब और मांस की तस्करी में पकड़े गए हैं।

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पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के मोह में विधायक नौटियाल ये भी भूल गई कि पिछले 11 साल से केंद्र में और 7 साल से राज्य में उनकी सरकार उनका प्रशासन और उनकी पुलिस है। जिनकी जिम्मेदारी हर अवैध काम को रोकने की है।

मनोज रावत ने कहा कि केदारघाटी का हर निवासी जानता है कि केदारनाथ में सरकार के महत्वपूर्ण लोगों की शह पर शराब और मांस बिक रहा है इसलिए प्रशासन पुलिस और आबकारी विभाग मौन बैठे हैं।

मनोज रावत ने कहा कि उपचुनाव में शराब और पैसे की गंगा बहाने वालों को अचानक शराब बुरी लगने लगी। उन्होंने साफ किया कि , ये सरकार के अलग अलग गिरोहों का गैंग वार है। असली लड़ाई इस बात की है कि केदारनाथ तक किसकी शराब बिके या किसका मांस पहुंचे ।

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उन्होंने आरोप लगाया कि , एक ओर केदारनाथ में स्थानीय लोगों को बेदखल किया जा रहा है दूसरी ओर बड़ी पहुंच के लोगों को और पूंजीपतियों के लिये नियम कानून ताक पर रख कर जमीनें दी जा रही हैं । कपाट बंद रहने के दौरान लोगों के घर उजाड़े जा रहे हैं स्थानीय लोगों ने बहुत बार विरोध भी दर्ज किया लेकिन धनपतियों के और गुजरात लॉबी के बड़े ठेकेदारों के दबाव में केदारनाथ के मूल स्वरूप से छेड छाड़ की जा रही है । पूर्व विधायक ने कहा केदारनाथ व केदारघाटी में बाहरी लोगों को दी जा रही जमीनों के विरोध में जल्द ही विरोध प्रदर्शन किया जायेगा आखिर किस आधार पर बाहरी लोगों को जमीनें दी जा रही है।

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मनोज रावत ने कहा कि , केदारनाथ यात्रा मार्ग पर व्यापार व काम धंधे का पहला हक भी स्थानीय लोगों का ही है । उन्होंने ने फिर कहा कि चार धाम के कपाट खुलने की तिथियां तय हो चुकी है सरकार को तैयारियों को ले कर अब गंम्भीरता दिखानी चाहिए जिससे पिछले सालों की तरह धामों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला ना रहे।

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि , अभी तक यात्रा के कोई इंतजाम नहीं हुए हैं आने वाली यात्रा की अव्यवस्थाओं की आशंकाओं और उपचुनाव की फर्जी घोषणाओं को पूरा न होते देख विधायक आशा जी इस तरह की बयानबाजी कर रही हैं।