14 September 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

केदारघाटी में हेलीकॉप्टर सेवा की अव्यवस्थाओं को लेकर यूकेडी का आक्रोश

केदारघाटी में हेलीकॉप्टर सेवा की अव्यवस्थाओं को लेकर यूकेडी का आक्रोश

केदारनाथ हेलिकॉप्टर सेवा में हो रही अव्यवस्था और पर्यावरणीय संकट पर उत्तराखण्ड क्रांति दल ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यूकेडी नेता आशुतोष भंडारी ने इस मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है साथ ही मांगें भी रखी हैं।केदारघाटी में हेलीकॉप्टर सेवा की अव्यवस्थाओं को लेकर यूकेडी का आक्रोश

उत्तराखण्ड क्रांति दल केदारघाटी में तेजी से फैल रही हेलिकॉप्टर सेवाओं की अंधाधुंध व्यवस्था, टिकटों की दलाली और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि

पर्यावरणीय प्रदूषण का संकट

केदारनाथ जैसे संवेदनशील और पर्यावरणीय दृष्टि से नाजुक क्षेत्र में बड़ी संख्या में उड़ रहे हेलिकॉप्टर पर्वतीय पारिस्थितिकी को भारी क्षति पहुँचा रहे हैं। शोर, वायु प्रदूषण और जैवविविधता पर इसका गहरा असर हो रहा है। इसके बावजूद सरकार और प्रशासन मौन है।

See also  ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन में 41 टनल हो गईं ब्रेक थ्रू

तीर्थ यात्रियों की जान से खिलवाड़

खराब मौसम में भी हेलिकॉप्टर उड़ानें जारी रहना अत्यंत खतरनाक है। पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें निर्दोष तीर्थयात्रियों की जानें गईं। यह सीधा लापरवाही और लाभ के लिए जान जोखिम में डालने का मामला है।

हेलिकॉप्टर टिकटों की हेराफेरी और दलाली

टिकटों की कालाबाजारी खुलेआम चल रही है। हजारों रुपये लेकर एजेंट तीर्थयात्रियों को टिकट दे रहे हैं। वहीं, स्थानीय बुजुर्गों, जो वर्षों से बाबा केदार के भक्त रहे हैं, उनके लिए कोई आरक्षित व्यवस्था नहीं है।

स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण

उत्तराखण्ड क्रांति दल की मांग है कि प्रत्येक दिन कुछ सीटें स्थानीय बुजुर्गों के लिए आरक्षित की जाएं, जिससे वे भी श्रद्धापूर्वक बाबा केदार के दर्शन कर सकें।

See also  चुनाव से पहले कांग्रेस अनुशासन समिति की बैठक, तय की गई गाइडलाइन

हेलिकॉप्टर कंपनियों पर नियंत्रण

उत्तराखण्ड उड्डयन विभाग को चाहिए कि:

प्रत्येक हेलिकॉप्टर कंपनी पर निगरानी रखी जाए।

मौसम खराब होने की स्थिति में उड़ान पर सख्त रोक लगे।

टिकट प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल प्लेटफॉर्म से नियंत्रित किया जाए।

प्रदूषण और शोर नियंत्रण की नियमित जांच हो।