हर सोमवार को आयोजित होने वाले जनता मिलन कार्यक्रम का आयोजन आज जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष भटगांई द्वारा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुनकर उनका त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना रहा।
जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान जनपद के विभिन्न विकासखंडों, तहसीलों एवं ग्रामों से आए नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी-अपनी समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, अतिक्रमण, आपदा राहत, पेयजल, सड़क, राशन कार्ड, आर्थिक सहायता तथा अवैध कब्जों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषय सामने आए।

जनसुनवाई में सहकारी गूल में किए गए अतिक्रमण हटाने, आपदा मद से धन आवंटन, पात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड निर्गत करने, अवैध कब्जे हटाने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिलाने, दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु क्रैश बैरियर लगाए जाने तथा जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने की मांग रखी गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार द्वारा देवलथल तहसील अंतर्गत चमू पट्टी में पटवारी द्वारा EWS प्रमाण पत्र के नाम पर आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायत की गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान दियुडी द्वारा दिग्तोली से दियुडी तक सड़क के डामरीकरण की मांग रखी गई, जिस पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जनता मिलन कार्यक्रम में ग्राम धारीगांव के लगभग 20 परिवारों द्वारा उठाया गया पेयजल संकट का मुद्दा विशेष रूप से गंभीर रहा। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सरकार द्वारा आँवला घाट पेयजल योजना के अंतर्गत नियमित जलापूर्ति प्रारंभ की गई थी, किंतु 18 दिसंबर 2025 से कुछ अराजक तत्वों द्वारा धारीगाँव को जाने वाली मुख्य पेयजल लाइन को जानबूझकर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप बीस से अधिक परिवारों को पीने के पानी के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने जल निगम को तत्काल स्थल निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लाइन को क्षति पहुँचाने वाले अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को किसी भी स्थिति में पेयजल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थायी समाधान की कार्ययोजना तत्काल तैयार की जाए। जिलाधिकारी ने जनता मिलन कार्यक्रम में प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित समयावधि के भीतर अनिवार्य रूप से आख्या प्रस्तुत की जाए। इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान L1 स्तर एवं 36 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों पर विशेष रूप से नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर गुणवत्तापूर्ण फीडबैक सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी सदर मनजीत सिंह, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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