हमेशा की तरह सर्व समाज से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक ने UGC द्वारा बनाए गए नए नियमों को लेकर कड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ई-मेल व स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर कहा कि ये नियम शिक्षा में समानता और योग्यता आधारित व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत हैं। पत्र में उल्लेख किया गया है कि आज की नई पीढ़ी जातिवाद से ऊपर उठकर समान शिक्षा चाहती है और शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि विभाजन पैदा करना।
उन्होंने इस विषय पर जिले के प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी को भी चिंताजनक बताया और कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर भी राजनीति के लाभ-हानि की गणना में उलझे हुए हैं। दीप पाठक ने अपेक्षा जताई कि जनप्रतिनिधि मौन त्याग कर समाज और छात्रों के हित में स्पष्ट भूमिका निभाएंगे।

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