29 January 2026

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पिथौरागढ़ में जल स्रोत रिचार्ज करने को लेकर संजीदगी से काम, डीएम ने की समीक्षा

पिथौरागढ़ में जल स्रोत रिचार्ज करने को लेकर संजीदगी से काम, डीएम ने की समीक्षा

स्प्रिंग एण्ड रिवर रीजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) परियोजना के अंतर्गत जनपद पिथौरागढ़ में निरंतर सूखते जा रहे प्राकृतिक जल स्रोतों तथा वर्षा आधारित सहायक नदियों/धाराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार, पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति SARRA की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में SARRA परियोजना के अंतर्गत केन्द्राभिसरण (Convergence) के माध्यम से 50 प्रतिशत विभागीय अंश एवं 50 प्रतिशत SARRA अंश के आधार पर जनपद के सूखते जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित सहायक नदियों/धाराओं का प्राथमिकता निर्धारण करते हुए उनके उपचार हेतु डी०पी०आर० निर्माण पर विस्तृत चर्चा की गई। जिसमे सर्वसम्मति से Yakshwati नदी एवं घुरघटिया नदी की DPR अनुमोदित की गई।

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बैठक के दौरान सदस्यसचिव/उप निदेशक, SARRA, जलागम प्रबंधन प्रभाग, पिथौरागढ़ द्वारा वन विभाग, लघु सिंचाई विभाग तथा विकासखंड गंगोलीहाट से प्राप्त प्रस्तावों को डी०पी०आर० निर्माण हेतु समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत प्रस्तावों का जिलाधिकारी एवं जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति SARRA के सदस्यों द्वारा गहन परीक्षण एवं विचार-विमर्श के उपरांत अनुमोदन प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने संबंधित सभी विभागों को निर्देशित किया कि डी०पी०आर० निर्माण का कार्य आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पूर्णतः वैज्ञानिक पद्धति, भौगोलिक परिस्थितियों, जल विज्ञान (Hydrology) एवं भू-जल संरचना को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि डी०पी०आर० केवल औपचारिकता न होकर व्यवहारिक, दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी होनी चाहिए, जिससे भविष्य में जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित सहायक नदियों/धाराओं के जल प्रवाह में ठोस एवं स्थायी सुधार सुनिश्चित हो सके।

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जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि प्रस्तावित कार्यों में स्थानीय जल स्रोतों की प्रकृति, कैचमेंट एरिया, वर्षा पैटर्न, भू-स्खलन संभावित क्षेत्रों तथा पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही विभागों के मध्य समन्वय की कमी के कारण किसी भी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए नियमित समीक्षा एवं तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किए जाएँ।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की गई कि SARRA परियोजना के माध्यम से जनपद के ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट के समाधान, कृषि कार्यों में सहायता तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी परिणाम सामने आएं। बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, खंड विकास अधिकारी विण राजेंद्र अवस्थी, अधिशासी अभियंता सिंचाई धीरज जोशी सहित SARRA परियोजना के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का संचालन सदस्य सचिव सारा, भरत सिंह द्वारा किया गया।