कलेक्ट्रेट सभागार, पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जनसुनवाई दिवस का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं नगर क्षेत्र से आए नागरिकों द्वारा बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं एवं शिकायतें प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर कुल लगभग 50 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश शिकायतों का समाधान जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के संबंध में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही के स्पष्ट निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्यवाही करें तथा शिकायतकर्ताओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित किया जाए।जनसुनवाई में पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत आपूर्ति, क्लॉक टावर की मरम्मत, नगर क्षेत्र के गांधी चौक में नियमित सफाई व्यवस्था, पेयजल लाइनों की मरम्मत, दूषित जलापूर्ति, आपदा से संबंधित समस्याएँ, राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर फैली गंदगी, नगर क्षेत्र में घूमने वाले निराश्रित एवं गरीब व्यक्तियों की समुचित व्यवस्था, अवैध कब्जों की शिकायतें, गांधी चौक क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, मानदेय भुगतान, मलबा निस्तारण सहित विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक शिकायतें दर्ज की गईं।
जनसुनवाई के प्रमुख प्रकरणों में समस्त ग्रामवासी विनायक द्वारा सेरीकांडा लिफ्टिंग पेयजल योजना से विनायक तोक को जोड़ने की मांग रखी गई। इसी क्रम में पार्षद प्रतिनिधि ऐचौली द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित 50 के.एल. क्षमता के पेयजल टैंक में विगत दो वर्षों से पानी की आपूर्ति न होने की गंभीर समस्या को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया। वहीं ग्रामवासी थरकोट द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग से ग्राम पंचायत थरकोट तक पैदल आवागमन हेतु मार्ग एवं पुल निर्माण की मांग रखी गई।
इसके अतिरिक्त जाग उठा पहाड़ संगठन के संयोजक द्वारा निजी विद्यालयों द्वारा की जा रही कथित मनमानी पर नियंत्रण एवं नियमानुसार कार्यवाही किए जाने की मांग प्रस्तुत की गई। वर्ष 2023–24 में प्रभारी मंत्री द्वारा निर्देशित घाट पंपिंग से नगर तक पाइपलाइन बदलने से संबंधित जांच रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक न किए जाने, बदली गई पाइपलाइन के भंडारण गृह में उपलब्ध न होने, तथा सेरीकांडा पेयजल योजना का मूल स्रोत सुनिश्चित किए बिना निर्माण कर पूर्व में नगर के लिए बनी घाट पंपिंग योजना से ही कट लगाकर अवैध कनेक्शन किए जाने की जांच कराने की मांग भी जनसुनवाई में प्रमुखता से रखी गई।
वहीं ग्रामवासी टुंडी-बारमौ द्वारा आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल एवं अन्य योजनाओं के पुनर्निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि आवंटित किए जाने की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपरोक्त सभी मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए तथा नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने ये भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान मौके पर संभव नहीं है, उनके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा शिकायतकर्ताओं को कार्यवाही की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
जनसुनवाई के उपरांत जिलाधिकारी ने स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित विचारयुक्त एवं जनहित से जुड़े समाचारों की समीक्षा की तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की, जिसमें 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर विशेष रूप से नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि भविष्य में किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयावधि में उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

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