12 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

सचिव आर राजेश कुमार ने किया नियोजन दफ्तर का निरीक्षण

सचिव आर राजेश कुमार ने किया नियोजन दफ्तर का निरीक्षण

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बुधवार को देहरादून के बसंत विहार स्थित नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सचिव ने विभिन्न शाखाओं में चल रहे कार्यों की प्रगति, फाइल निस्तारण की स्थिति, योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।

सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करते हुए जनहित से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

See also  पिथौरागढ़ में यक्षवती नदी क्षेत्र में आयोजित हुआ नदी महोत्सव, जल संरक्षण का लिया सामूहिक संकल्प

निरीक्षण के उपरांत डॉ. आर. राजेश कुमार बागेश्वर एवं गरुड़ की जीआईएस आधारित महायोजना (मास्टर प्लान) की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में नगरीय विस्तार, यातायात प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना विकास से संबंधित बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सचिव ने निर्देश दिए कि महायोजना को स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों एवं भविष्य की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया जाए।

आवास सचिव द्वारा SASCI 2025–2026 तथा Deregulation 1.0 के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरलीकरण एवं विनियमन शिथिलीकरण से संबंधित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, जिससे निवेश प्रोत्साहन एवं ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा मिल सके।

See also  सीएम धामी ने विकास कार्यों के लिए 37 करोड़ का बजट मंजूर किया

सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि राज्य के संतुलित एवं सुनियोजित विकास के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शासन का प्रयास है कि सभी महायोजनाएं स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। SASCI 2025–2026 एवं Deregulation 1.0 के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निवेश और विकास को गति दी जाएगी।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से बायोमीट्रिक उपस्थिति का विवरण लेते हुए अनुपस्थित कार्मिकों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना अनुमति अथवा अनुचित कारण के किसी भी कार्मिक का अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा।