12 February 2026

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मानसखंड मंदिर माला के विकास को लेकर डीएम पिथौरागढ़ ने की समीक्षा बैठक

मानसखंड मंदिर माला के विकास को लेकर डीएम पिथौरागढ़ ने की समीक्षा बैठक

पिथौरागढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम आशीष भटगांई की अध्यक्षता में मानस खंड मंदिर माला समिति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मोस्टमानू, हाट कालिका, बासुकिनाग, कोटगाड़ी, मां कोकिला दरबार, थलकेदार सहित विभिन्न मंदिर समितियों के अध्यक्षों के साथ संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य मानस खंड मंदिर माला योजना के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करना तथा धार्मिक स्थलों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त आध्यात्मिक-पर्यटन परिपथ के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस निर्णय लेना था।

जिलाधिकारी ने कहा कि कुमाऊं की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने में इन मंदिरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः इन स्थलों का विकास केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित न रहकर समग्र दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए, जिसमें संरक्षण, सुरक्षा, स्वच्छता, सुगम आवागमन, पर्यटक सुविधाएं और सौंदर्यीकरण शामिल हों। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

हाट कालिका धाम

हाट कालिका धाम में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, भीड़ नियंत्रण प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था एवं संपर्क मार्गों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन पार्किंग स्थल की गुणवत्ता की जांच कर समय पर पूर्ण करने तथा यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने को कहा। महाकाली मंदिर समिति द्वारा मंदिर के समीप अतिरिक्त पार्किंग की मांग पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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मंदिर समिति अध्यक्ष हरगोविंद रावल द्वारा परिसर में टाइल्स न लगने एवं अन्य अवशेष कार्यों की जानकारी दिए जाने पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, बेरीनाग को 19 मार्च से पूर्व सभी शेष कार्य पूर्ण कर उपजिलाधिकारी गंगोलीहाट एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी को प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पाताल भुवनेश्वर

पाताल भुवनेश्वर में प्रवेश एवं निकास मार्गों की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, गाइड सुविधा, सुरक्षा मानक तथा आपदा प्रबंधन तंत्र की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने परिसर में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, स्पष्ट सूचना-पट्ट, दिशा-सूचक संकेतक एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पाताल भुवनेश्वर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी है। इसके संरक्षण एवं वैज्ञानिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मंदिर समिति अध्यक्ष द्वारा एंट्री एवं एग्जिट प्वाइंट बढ़ाने, अतिरिक्त शौचालय निर्माण, पार्किंग सुविधा के विस्तार, ऑक्सीजन प्लांट स्थापना तथा एलोपैथिक चिकित्सालय में चिकित्सक की तैनाती की मांग रखी गई, जिस पर संबंधित विभागों को परीक्षण कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया।

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थलकेदार एवं अन्य धार्मिक स्थल

थलकेदार मंदिर समिति ने सुरक्षा दीवार निर्माण, पर्यटक आवास गृह की स्थापना तथा सोलर लाइटिंग व्यवस्था की आवश्यकता पर बल दिया। जिलाधिकारी ने प्रस्ताव तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।मोस्टमानू मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा ने मेला मंच पर दर्शकों के बैठने की समुचित व्यवस्था, विस्तृत पार्किंग एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव रखा। इस पर जिलाधिकारी ने पर्यटन एवं संबंधित विभागों को समन्वय कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में ललित पंत द्वारा मानस खंड माला के अंतर्गत विकसित किए जाने वाले मंदिरों को एक समग्र मास्टर प्लान के तहत विकसित करने का सुझाव दिया गया, ताकि सभी स्थलों पर एकरूपता, सौंदर्य एवं सुविधाओं का मानकीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

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समग्र विकास की परिकल्पना

जिलाधिकारी भटगांई ने कहा कि मानस खंड मंदिर माला योजना का मुख्य उद्देश्य कुमाऊँ क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों को एक सशक्त आध्यात्मिक-पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करना है। इसके अंतर्गत आधारभूत सुविधाओं का उन्नयन, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा प्रबंधन, पार्किंग, संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बैठने की व्यवस्था, सूचना-पट्ट, स्वच्छता प्रबंधन तथा आपातकालीन सहायता तंत्र को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण एवं संरक्षण कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के समन्वय से निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएंगे। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति आर्य, समेत मन्दिर समितियों के अध्यक्ष व विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।