19 February 2026

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देहरादून में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, SSP से की शिकायत, ज्ञापन के जरिए दिए अहम सुझाव

देहरादून में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, SSP से की शिकायत, ज्ञापन के जरिए दिए अहम सुझाव

देहरादून महानगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा के नेतृत्व में SSP देहरादून प्रमेंद्र डोभाल से मुलाकात कर देहरादून क्षेत्र की यातायात समस्याओं के समाधान के संबंध में ज्ञापन प्रेषित करते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। ज्ञापन में लालचन्द शर्मा ने कहा कि राजधानी देहरादून उत्तराखंड का प्रशासनिक, राजनीतिक एवं आर्थिक केंद्र है। जहां एक ओर राज्य निर्माण गठन के उपरान्त इन 25 वर्षो में शहर की आबादी बढने के साथ ही वाहनों की आवाजाही भी कई गुना बढी हैं वहीं विगत कुछ समय से राजधानी की यातायात व्यवस्था बदहाल, असंगठित और अक्षम प्रबंधन का शिकार बनी हुई है। मुख्य सडकों पर रोज़ाना लगने वाले जाम से आम जनता को भारी असुविधा से दो-चार होना पड रहा है। आम जनता, छात्र, कर्मचारी, व्यापारी, मरीज, पर्यटक, सभी घंटों तक जाम में फंसकर मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट झेलने को मजबूर हैं। यह स्थिति राजधानी में निवास करने वाले आम नागरिकों और शासन-प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, परन्तु इस दिशा में अब तक ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर सुबह और शाम शहर की मुख्य सड़कें घंटाघर, सर्वे चौक, अग्रवाल चौक, आइएसबीटी, बल्लूपुर, कांवली रोड, हरिद्वार रोड, रायपुर रोड, प्रेमनगर क्षेत्र एक खुली पार्किंग में बदल जाती हैं। 5-10 मिनट की दूरी को पार करने में आधा से एक घंटा लगना अब सामान्य हो गया है। यह स्थिति राजधानी की सड़क क्षमता, ट्रैफिक नियंत्रण, अनियंत्रित यातायात प्रबंधन और पुलिस की ज़मीनी उपस्थिति की पूरी तरह असफलता दर्शाती है। इसकी प्रमुख वजह में अनियंत्रित और अव्यवस्थित ऑटो-ई-रिक्शा व सिटी बसों का संचालन, जहां चाहे वहीं रुकना एवं सवारियों को उतारना एवं चढाना है।

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कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि ओवरलोडिंग, सड़कों पर रेस लगाना, बिना निर्धारित स्टॉप के यात्रियों को उतारना-चढ़ाना, जहां तहां बेतरतीब पार्किंग का बोलबाला व्यापारिक क्षेत्रों, अस्पतालों, बाजारों और यहां तक कि मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग ने सड़कों को संकरा कर दिया है। कई स्थानों पर सड़क पर डिवाइडर, यू-टर्न, कट, क्रॉसिंग नहीं हैं। ट्रैफिक पुलिस की कमी और सड़क पर प्रभावी उपस्थिति का अभाव साफ नजर आता है। तमाम जगह ट्रैफिक सिग्नल खराब पड़े हैं। ट्रैफिक संभालने के लिए कागजी योजनाएँ बहुत हैं, पर अमल कहीं नहीं।अतिक्रमण और सड़क किनारे फुटपाथ खत्म पर कब्जे होना भी ट्रैफिक जाम का एक प्रमुख कारण है। अतिक्रमण पर कार्रवाई केवल “औपचारिक” होती है जिसमें देहरादून शहर में लंबी अवधि की ट्रैफिक योजना का अभाव साफ नजर आता है। स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल बोर्ड और विज्ञापन, ज़मीनी बदलाव नहीं है। राजधानी में ऐसी व्यवस्थागत खामी पूरे प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में खड़ा करता है।

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जहां पूर्व विधायक राजकुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से स्कूलो में छुट्टी के समय अतिरिक्त पुलिस एवं यातायात कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चत करने का भी आग्रह किया वहीं पछुवादून कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय किशोर ने विकासनगर, हरबर्टपुर क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चलाने का अनुरोध किया।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने यातायात व्यवस्था की समस्याओं के समाधान हेतु निम्न सुझाव प्रेषित हैंः-

1. अवैध पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई

2. सड़क किनारे नो पार्किंग में खड़े वाहनों को हटाने व चालान की कार्रवाई

3. मुख्य चौराहों पर 24×7 पुलिस की तैनाती और स्मार्ट कैमरा आधारित ट्रैफिक निगरानी।

4. जहां-जहां भीड़ ज्यादा है वहां नो-स्टॉप जोन और निर्धारित पिक-अप/ड्रॉप पॉइंट।

5. सिटी बस, विक्रम, ई-रिक्शा के लिए जीपीएस आधारित रूट नियंत्रण हो।

6. गिग इकोनॉमी के तहत ओला, ऊबर, रैपिडो, स्विगी, जोमैटो के संचालकों का वैरीफिकेशन सुनिश्चित किया जाय।

7. आईएसबीटी के पास बसें बस अड्डे के स्थान पर सडक पर खडी रहती हैं जिससे आईएसबीटी पर जाम की स्थिति बनी रहती है। अतः सभी बसों का ठहराव बस अड्डे के अन्दर से सुनिश्चित किया जाय।

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8. खराब ट्रैफिक सिग्नलों की तुरंत मरम्मत/नए सिग्नल लगाना। पार्किंग हब/मल्टी-लेवल पार्किंग का तेजी से निर्माण और संचालन।

9. फुटपाथ पुनर्निर्माण, अतिक्रमण की स्थायी हटाई।

10. प्रमुख सड़कों का वैज्ञानिक तरीके से चौड़ीकरण और री-डिज़ाइन।

11. एक सेंट्रल कमांड ट्रैफिक कंट्रोल रूम का प्रभावी संचालन।

12. दीर्घकालिक समाधान हेतु देहरादून के लिए एक इंटीग्रेटेड अर्बन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की शुरुआत। शहर की क्षमता और जनसंख्या के अनुसार नई परिधीय सड़कें (बाईपास, रिंग रोड)। राजधानी की ट्रैफिक योजना को समयबद्ध और कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाया जाए। उपरोक्त के अलावा वाहनों में अतिरिक्त रूप से लगाई जा रही अत्यधिक हाई बीम लाइट पर कार्रवाई की जाए। वाहनों से काली फिल्म हटाकर चालान किए जाएं। वाहनों पर लगे वीआईपी के स्टीकर और नेम प्लेट हटाए जाएं। शराब की दुकानों के बाहर लगने वाले जाम को कम करने के लिए वहां शराब विक्रेताओं की ओर से गार्ड और पुलिस की भी व्यवस्था की जाए।

प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री वीरेन्द्र पोखरियाल, पार्षद कोमल बोरा, सविता सोनकर, रमेश कुमार मंगू,पार्षद मुकीम अहमद,मुकेश सोनकर,पार्षद निखिल कुमार मोहित नेगी, सोम प्रकाश वाल्मीकि, विरेन्द्र बिष्ट, मुकीम अहमद, सुभाष दस माना राजेश चंदेल, ओमी यादव, सोमप्रकाश बाल्मीकि, सुनील कुमार बांगा, नमन, आकाश आदि कांग्रेसजन शामिल थे।