उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का व्यापक बंटवारा करते हुए सरकार ने प्रशासनिक संतुलन साधने की कोशिश की है। इस फेरबदल में न केवल नए मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, बल्कि कई महत्वपूर्ण विभाग पुराने मंत्रियों से लेकर नए चेहरों को दिए गए हैं।
नए आवंटन के तहत राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण और जलागम प्रबंधन, मदन कौशिक को पंचायतीराज और आपदा प्रबंधन, प्रदीप बत्रा को परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी, खजान दास को समाज कल्याण व भाषा, जबकि भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास और एमएसएमई जैसे अहम विभाग सौंपे गए हैं।

इस फेरबदल में भाषा, ग्राम्य विकास और जलागम प्रबंधन जैसे विभागों में बदलाव कर सरकार ने नई रणनीति के संकेत दिए हैं। पहले ये विभाग अन्य मंत्रियों के पास थे, जिन्हें अब पुनर्गठित कर नए मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है।
खास बात यह भी है कि जो विभाग अब तक मुख्यमंत्री के पास थे, उनमें से कई अहम विभाग नए मंत्रियों को सौंप दिए गए हैं। इससे मुख्यमंत्री के पास विभागों की संख्या में करीब 8 से 10 की कमी आई है और जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण किया गया है।
सरकार का यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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