जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को पीएमजीएसवाई की पोखरी डिवीजन अंतर्गत दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों एवं सेतुओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सड़कों की वर्तमान प्रगति, पुनर्स्थापन कार्यों की स्थिति तथा लंबित कार्यों पर गहन चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद के दूरस्थ गांवों की आवाजाही सुचारू बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत स्वीकृत सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने पर जोर देते हुए निर्देशित किया कि डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) में आने वाली सड़कों की मरम्मत संबंधित ठेकेदारों से तत्काल कराई जाए। उन्होंने निजमुल्ला–गौणा–पाणा–ईराणी, टंगड़ी तल्ली से टंगड़ी मल्ली, हेलंग–उर्गम, हेलंग–डुमक, सलूड–डूंगरा मोटर मार्ग सहित अन्य सभी स्वीकृत एवं अनुमोदित सुधारीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों को जोड़ने वाली सड़कों का निर्माण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आपदा से क्षतिग्रस्त मार्गों पर चल रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने वन विभाग से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष बल दिया, ताकि निर्माण कार्यों में कोई बाधा न आए और योजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हो सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क न केवल स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतों को सुगम बनाता है, बल्कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और विकास गतिविधियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीएमजीएसवाई को समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए जनहित को सर्वोपरि रखते हुये लंबित कार्यों शीघ्र पूर्ण किये जाने की बात कही।
इस दौरान एसडीएम आरके पाण्डेय, पीएमजीएसवाई के एसई प्रमोद गंगाड़ी, ईई मनमोहन बिजलवाण, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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