मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन आज सचिवालय में शहरी विकास विभाग से सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड के सभी स्थानीय निकायों को साफ-सुथरा बनाने, वहां शुद्ध पेयजल, जलवायु-अनुकूल वातावरण की उपलब्धता और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर शहर बनाए जाने की दिशा में ठोस कार्य करने पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के अंतर्गत सभी यूएलबी में वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण और स्रोत पर कचरे का पृथक्करण कार्य 100 प्रतिशत सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुराने डंप साइट्स के सुधारीकरण कार्य को भी तेजी प्रदान करते हुए शीघ्र से शीघ्र कार्य पूर्ण कराए जाने की बात कही।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभाग के विज़न के अनुरूप सभी शहरी निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए शहरी निकायों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों और सम्बन्धित अनुभाग अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों को अच्छे से प्रबंधन किए गए देश-विदेश के शहरों का एक्सपोजर ट्रिप कराए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि इससे अपने शहरों को अच्छे से मैनेज करने में सहायता मिलेगी।
मुख्य सचिव ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए स्रोत के साथ ही पेयजल लाइन के अंतिम छोर पर भी वाटर क्वालिटी सेंसर लगाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास को डिजिटल गवर्नेंस पर तेजी से काम करने की आवश्यकता है। सभी शहरी निकायों को शीघ्र से शीघ्र ऑनबोर्ड किया जाए।

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