उत्तराखंड में भी गुरुनानक देव जी का प्रकाश पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा देहरादून में रेसकोर्स गुरुद्वारा पहुंचे और अरदास में शामिल हुए। माहरा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने जातीयता और धर्म की परवाह किये बगैर समानता, समावेशिता, निष्पक्षता और सभी के लिए सम्मान की वकालत की थी।
उन्होंने कहा कि धार्मिक कट्रता में उदित गुरु नानकदेव ने धर्म को उदारता की एक नई परिभाषा दी। उन्होंने अपने सिद्वान्तों के प्रसाद हेतु एक संन्यासी की तरह घर का त्याग कर दिया और लोगों को सत्य और प्रेम का पाठ पढाना आरम्भ कर दिया। उन्होंने जगह-जगह घूमकर तत्कालीन अंधविश्वासों, पाखण्डों आदि का जमकर विरोध किया।
नानकदेव के संदेश सदा के लिए
करन माहरा ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने अपने अनुयायियों को जीवन के दस सिद्वान्त दिये थे। यह सिद्वान्त आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा ईश्वर एक है, सदैव एक ही ईश्वर की उपासना करो, जगत का कर्ता सब जगह और सब प्राणी मात्र में मौजूद है, सर्वशक्तिमान ईश्वर की भक्ति करने वालों को किसी का भय नही रहता, बुरा कार्य करने के बारे में ना सोचें, ईमानदारी से मेहनत की कमाई करके उसमें से जरूरतमंद को भी कुछ हिस्सा देना चाहिए, सभी स्त्री और पुरूष बराबर है, भोजन शरीर को जिन्दा रखने के लिए जरूरी है पर लोभ लालच व संग्रहवृत्वि बुरी है, उदरपूर्ति करनी चाहिए, सदैव प्रसन्न रहना चाहिए जैसे अनमोल सिद्वान्त दिये है जिनका हम सबको अनुशरण करना है और गुरु नानक देव जी के बताये हुए रास्ते में चलकर ही देश की उन्नति संभव है।
इस वसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने गुरुद्वारा साहिब में बैठकर कीर्तन श्रवण किया और संगत को लंगर वितरित करने की सेवा के उपरांत पंगत में बैठकर गुरु का लंगर ग्रहण किया।
ब्लड डोनेशन कैैंप
यूनाईटेड खिख फेडरेशन द्वारा आयोजित रक्त दान शिविर में प्रतिभाग कर फेडरेशन की सहराहना करते हुए सभी को शुभकामनायें दी। इस पुनीत अवसर पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी एवं एआईसीसी मीडिया कोर्ऑर्डिनेटर अमरजीत सिंह ने भी प्रदेशवासियों का बधाई एवं शुभकामनायें दीं।


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