राज्य-विशिष्ट प्रारूप टिप्पणी (State-Specific Draft Note) को अंतिम रूप देने के संबंध में सचिवालय में सचिव, लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवधारणा-पत्र (Concept Note) और विभिन्न हितधारक विभागों से सुझावों प्राप्त कर प्रारूप टिप्पणी पर चर्चा की गई। इस दौरान पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में विकास कार्यों के क्रियान्वयन में आ रही विभिन्न चुनौतियों एवं सुझावों को प्रस्तुत किया गया।

बैठक में पीएम गतिशक्ति पोर्टल, भूमि राशि पोर्टल, परिवेश पोर्टल, भूमि अधिग्रहण, भूमि पर कब्जे का हस्तांतरण, वन भूमि हस्तांतरण, राइट ऑफ वे (RoW) से बाहर संपत्तियों को होने वाली क्षति के मुआवजे, यूटिलिटी शिफ्टिंग, लैंड बैंक, म्यूटेशन (भूमि नामांतरण) एवं रॉयल्टी से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, सिंगल विंडो व्यवस्था के माध्यम से ठेकेदारों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों पर समयबद्ध अनुमति प्रदान करने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के सुझाव प्रस्तुत किए गए।
सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय ने कहा कि विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यूजर एजेंसियों की ओर से संबंधित प्रकरणों के दस्तावेजीकरण पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने प्रत्येक प्रकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं का समुचित अध्ययन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों एवं यूजर एजेंसियों को समस्याओं के समाधान के लिए अपने स्तर पर प्रभावी पहल करनी चाहिए। स्थानीय लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं परिस्थितियों को समझते हुए प्रकरणों का समाधान तलाशा जाए।
सचिव ने कहा कि जिन यूजर एजेंसियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, उनके लिए आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें नियमों, प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं की सही जानकारी मिल सके।

More Stories
गैरसैंण में सिर्फ दो दिन का सत्र, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उठाए सवाल
अवैध निर्माण के खिलाफ एमडीडीए का कड़ा एक्शन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की सियासी दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक