हिमाचल प्रदेश में सियासी उठा पटक का दौर तेज हो गया है सुखविंदर सिंह सुक्कू के खिलाफ बगावत का झंडा विक्रमादित्य सिंह ने बुलंद कर लिया है विक्रमादित्य सिंह ने आज कैबिनेट से इस्तीफा दिया है। साथ ही उन्होंने यह कहा है कि जल्द ही वो अगले कदम का भी ऐलान करेंगे। इसके साथ ही हिमाचल में सुुक्खू सरकार पर संकट भी गहरा गया है।
राज्यसभा चुनाव में 6 कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी तब से ही अटकलें लगने लगी थी कि सुक्खू सरकार का जो भविष्य है वह खतरे में है और अब सीधे-सीधे विक्रमादित्य सिंह जो कि दिवंगत वीरभद्र सिंह के बेटे हैं उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा देकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं और यह कहा है कि गेंद आला कमान के पहले में है। हिमाचल में अब चर्चा यह है कि वहां भारतीय जनता पार्टी अपनी सरकार बन सकती है हालांकि आगे क्या होगा इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है लेकिन विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा एक बड़ी सियासी घटना है हिमाचल प्रदेश की और कांग्रेस के लिए संकट गहरा गया है।
बीजेपी के साथ डील पक्की!
कांग्रेस की सरकार पर खतरा बढ़ गया है बताया ये जा रहा है कि 20 से ज्यादा विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू जो हिमाचल के मुख्यमंत्री हैं उनसे नाराज हैं और नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं ।
ऐसे में कांग्रेस की सरकार हिमाचल प्रदेश में अब खतरे में आ गई है कभी भी वह हिमाचल में खेला हो सकता है इस बात को लेकर अटकलें तेज हैं।

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