19 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

उत्तराखंड कांग्रेस के उम्मीदवारों पर पेंच

उत्तराखंड कांग्रेस के उम्मीदवारों पर पेंच

उत्तराखंड कांग्रेस में लोकसभा उम्मीदवारों को लेकर मामला एक बार फिर फंस गया है। सीईसी की बैठक में भी कोई डिसीजन नहीं हुआ आम सहमति नहीं बनी। सोनिया गांधी, खड़गे की मौजूदगी में उत्तराखंड का मामला तकरीबन डेढ़ घंटे तक चली मीटिंग के बावजूद हल नहीं हो पाया। अब यह चर्चा है कि आने वाले दिनों में एक बार फिर सीईसी को भेजे गए पैनल के नामों पर विचार होगा उनमें से उम्मीदवार कौन होगा इसे लेकर उसके बाद ही फैसला किया जाएगा। यानी आज की बैठक को बेनतीजा कहा जाए तो ये गलत नहीं होगा।

बड़े नेताओं को लेकर फंसा पेंच!

सूत्रों के मुताबिक हर एक सीट पर बारीकी से मंथन हुआ हालांकि सिर्फ पांच लोकसभा सीट हैं उत्तराखंड में उसके बावजूद उत्तराखंड को डेढ़ घंटे दिए गए इससे ये समझ जा सकता है की कितनी माथापच्ची हर सीट को लेकर है। स्क्रीनिंग कमेटी से दावेदारों के नाम फिल्टर किए जाने के बाद भी सीईसी में मुहर नहीं लग पाना कांग्रेस के अंदर की उलझन और रणनीति दोनों की ओर इशारा कर रहा है। सूत्रों का दावा यह है कि पार्टी सीनियर लीडर्स को मैदान में उतरना चाहती है लेकिन सीनियर लीडर्स चुनाव लड़ने से बार-बार इनकार कर रहे हैं यही वजह है कि आज की बैठक में एक बार फिर मनाने की कोशिश हुई इसीलिए कोई नतीजा निकला नहीं। अब सवाल ये है कि बीजेपी पहले ही तीन सीटों पर कैंडिडेट डिक्लेयर कर चुकी है और उत्तराखंड में कांग्रेस अभी एक भी सीट पर डिक्लेअर नहीं कर पाई है। आज की सीईसी डेढ़ घंटे तक चली, 90 मिनट तक मंथन हुआ और उसमें से कुछ नहीं निकला तो ये माना जा सकता है कि उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर अभी काफी कसरत बाकी है। सीईसी में सिर्फ 7-8 नाम का पैनल ही गया है इसके बाद भी फैसला ना होना कांग्रेस और दावेदार दोनों की टेंशन बढ़ाने वाला है। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करने माहरा और सीएलपी लीडर यानी नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से सुझाव लिए गए उन सुझावों के आधार पर ही ये तय हुआ कि अभी एक बार फिर से विचार किया जाएगा। यानी की चिंतन मंथन फिर होगा उसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम का ऐलान होगा। मतलब साफ है कि अभी उत्तराखंड कांग्रेस के उम्मीदवार आने में टाइम लगेगा अब वो कितना लगेगा ये कह नहीं सकते आज की बैठक के लिहाज से यही है कि उम्मीदवारों के नाम पर फाइनल डिसीजन नहीं हो पाया।

See also  शहरों में विकास के नाम पर हो रही लापरवाही को लेकर यशपाल आर्य ने उठाए सवाल, सरकार को दिया अल्टीमेटम