5 January 2026

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अंकिता भंडारी केस को लेकर दिल्ली में भी आक्रोश, प्रवासी उत्तराखण्डियों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 10 दिन में सीएम धामी का इस्तीफा और सीबीआई जांच कराने की मांग

अंकिता भंडारी केस को लेकर दिल्ली में भी आक्रोश, प्रवासी उत्तराखण्डियों का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, 10 दिन में सीएम धामी का इस्तीफा और सीबीआई जांच कराने की मांग

राजधानी दिल्ली में आज हजारों प्रवासी उत्तराखण्डियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के तत्काल इस्तीफे की मांग की।

विभिन्न प्रवासी संगठनों ने निहित स्वार्थों से उठकर अंकिता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की। इस रैली को संबोधित करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप द्वारा रखे गए एक प्रस्ताव में जिसमें यह मांग की गई की 10 दिन के अंदर अंकित भंडारी कांड की सीबीआई जांच होनी चाहिए और यदि 10 दिन में उसके आदेश न दिए गए तो हजारों दिल्ली के प्रवासी भाजपा मुख्यालय करने को मजबूर होंगे ।

साथ भी ये भी कहा कि सीबीआई जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायधीश की देखरेख में होनी चाहिए।‌प्रवासियों का यह आक्रोश यहां जंतर मंतर में एक धरने के दौरान देखा गया। धरने में काफी तादाद में उत्तराखंड के प्रवासी ने भाग लिया। धरने के उपरांत भू कानून संयुक्त संघर्ष समिति के एक शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें सीबीआई जांच की मांग की गई।‌इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता धीरेन्द्र प्रताप ने केंद्र और उत्तराखंड सरकार को चेतावनी दी कि अगर दस दिनों के अंदर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो समूचा उत्तराखंड दिल्ली की सड़कों पर उतर पड़ेंगे।

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता‌ नरेंद्र सिंह नेगी ने इस मामले में जनांदोलनों को और व्यापक तथा मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच को लेकर सभी विपक्षी दल एक हैं।

जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष अदिति मिश्र ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सरकार की मानसिकता महिलाओं के प्रति नफरत से भरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सबकी है और सबको मिलकर लड़ना है।

प्रसिद्ध समाज सेवी और बलात्कार विरोधी कार्यकर्ता योगिता भयाना ने अपने संबोधन में कहा कि वो बेटियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार अपराध में मौन नहीं बल्कि लिप्त है। भयाना ने कहा असली अपराधी का नाम सामने आ गया तो दोनों सरकारें गिर जायेगीं

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समाजसेवी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिपाल रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। उनका इस मामले में आरंभ से ही परोक्ष नहीं अपितु प्रत्यक्ष भूमिका रही है। वे राज्य के शासन के अग्रणी होने के नाते जवाबदेह हैं। उनको बताना चाहिए़ कि उन्होंने इस मामले अभी तक क्या किया। हमारा आरोप है कि वो vip समेत समस्त अपराधियों को बचा रहे हैं। उनको तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देना चाहिए। रावत ने कहा कि सीबीआई जांच हो पर वह सर्वोच्च न्यायालय के किसी सिटिंग जज की देखरेख में हो कांग्रेस नेता ने मांग की कि दुष्यंत गौतम को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार करके संगीन आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाना चाहिए। “जब vip का नाम उजागर हो ही गया है तो सरकार सबूत लेकर पुलिस के पास जाने की बात क्यों कर रही है। किस कानून के तहत गवाह सबूत लेकर जांच एजेंसियों के पास जाता है यानि पुलिस का कम भी गवाह ही करे तो मुख्यमंत्री आपकी ओर आपकी सरकार की क्या जरूरत है। इसलिए तत्काल इस्तीफा दें ताकि उत्तराखंड की बेटी को इंसाफ दिलाया जा सके, ” रावत ने कहा।

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मण रावत ने इस अवसर पर अंकित भंडारी कांड के दोषियों को सजा दिलाए जाने हेतु व्यापक अभियान चलाए जाने का जहां सुझाव दिया वहीं उन्होंने अपने भाषण में कहा कि अब दिल्ली के कोने कोने में हस्ताक्षर अभियान और कैंडल मार्च आयोजित किए जाएंगे और 10 दिन बाद जो दिल्ली में भाजपा के खिलाफ रणनीति बनेगी उसमें लोगों को सम्मिलित किए जाने के लिए आवाहन किया जाएगा इस रैली को उत्तराखंड क्रांति दल के अध्यक्ष बिहारी लाल जालंधरी शशि मोहन ‌कोटनाला,दिगमोहन नेगी, पुरुषोत्तम शर्मा चारु तिवारी सुरेन्द्र हल्सी प्रताप थलवाल, देव सिह रावत समेत अनेक लोगों ने संबोधित किया इस सत्याग्रह की अध्यक्षता वरिष्ठ महिला नेत्री उमा जोशी ने की।