15 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

चुनाव नतीजों के बाद मयूख महर का कांग्रेस पर प्रहार करन माहरा के खिलाफ खोला मोर्चा

चुनाव नतीजों के बाद मयूख महर का कांग्रेस पर प्रहार करन माहरा के खिलाफ खोला मोर्चा

उत्तराखंड में निकाय चुनाव के वोटों की गिनती के बाद भी सियासी जंग जारी है। पिथौरागढ़ में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही लिहाजा बागी विधायक मयूख महर ने एक बार फिर कांग्रेस और करन माहरा को निशाने पर लिया है। मयूख महर ने कई सवाल खड़े किए हैं और दिल्ली दरबार पर भी हमला बोला है।

मयूख महर के आक्रामक तेवर

सोशल मीडिया पोस्ट पर मयूख महर ने लिखा निकाय चुनाव भारी विवादों के बीच सम्पन्न तो हो गए लेकिन अपने पीछे अनेकों कीर्तिमान भी छोड़ गए। इस चुनाव में जहाँ भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा हुई, वहीं ये चुनाव बहुत लोगों को आइना दिखा गए। सत्ता के हाथों संविधान का चीर हरण कैसे होता है और संविधान की कसमें खाकर शीर्ष पदों पर बैठे नौकरशाह किस तरह से संविधान को शर्मसार करते हैं, यह भी इस चुनाव में देखने को मिला। नौकरशाहों ने साबित कर दिया कि वह असली *राजपूत* हैं अर्थात जिसका राज उसके पूत हैं, यह इन चुनावों ने साबित कर दिया है। अब भविष्य में गरीब का लड़का कभी राजनीति नही कर सकता है, क्योंकि पूरे देश में अब तो यह कहावत चरितार्थ हो चुकी है कि “जिसकी लाठी उसकी भैंस”। यही नही, कांग्रेस का वो झुमका पहलवान जो शुभाष चौक में बड़े जोर-शोर से गरज रहा था अब कहां छुप गया है? अब जब उसके चहेते प्रत्याशी की ज़मानत तक ज़ब्त हो गयी है, साथ ही उन लोगों को भी जवाब मिल गया है जो कहते थे कि 2019 के चुनाव में वो अपने बल पर 23000 वोट लाये थे, और जगजीवन कन्याल जी का ये आरोप भी सत्य हो गया है कि कांग्रेस में प्रत्याशी चयन में भारी लेन-देन हुआ है।

See also  नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की सीएम धामी को चिट्ठी, बजट सत्र को लेकर कर दी बड़ी मांग

मयूख महर ने आगे लिखा अब तो सिर्फ तीन प्रश्नों के उत्तर और हैं

पहला- क्या झुमका पहलवान उसके प्रत्याशी की शर्मनाक हार व ज़मानत जब्त होने पर नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुवे अपने पद से इस्तीफा देगा?

दूसरा- दिल्ली कांग्रेस जो कुम्भकर्णीय नींद सोई हुई है, जिसकी नाक के नीचे इन जैसे भाजपा के *स्लीपर सेल* को चिन्हित कर इनका निष्काशन करेगी ?

तीसरा- पार्टी मेरा निष्काशन कब करेगी? क्योंकि मैं झुमका पहनने वाले तथा भाजपा के स्लीपर सेल के लोगों के साथ इस पार्टी में नही रह सकता हूँ, क्योंकि यहाँ झूठ और फरेब के सिवा कुछ नही बचा है।

See also  विधायक राम सिंह कैड़ा ने ली अहम बैठक, वन विभाग के अफसरों की लगाई क्लास

यहां पर मैं ये भी स्पष्ट कर दूं कि हम हारे नही हैं, बल्कि हमें सत्ता के बल पर हराया गया है, जल्द ही हम फिर वापस आएंगे क्योंकि पिथौरागढ़ की जनता मेयर पद पर हमें चाहती है। -सत्यमेव जयते