भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखण्ड में भी एक राष्ट्र-एक चुनाव अभियान को गति देने और इसको छात्रों-युवाओं के माध्यम से चलाने की प्रदेश स्तरीय छात्र नेता सम्मेलन का आयोजन देहरादून स्थित एक होटल में किया गया।
मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ओपी धनखड़ ने कार्यक्रम में कहा कि आगामी दिनों में प्रदेश में छात्रों व युवाओं को एक राष्ट्र एक चुनाव अभियान के साथ जोड़ते हुए विभिन्न कार्यक्रम एवं अभियानों को किया जाएगा। प्रदेश के विश्विद्यालयों, महाविद्यालयों, इंजीनिरिंग कॉलेजों सहित अन्य महावियालयों मे एक राष्ट्र एक चुनाव के समर्थन में छात्रों युवाओं के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ओपी धनखड़ ने कहा कि अब समय आ गया है जब लोकतंत्र को अनावश्यक खर्च, बार-बार होने वाले चुनाव और राजनैतिक अस्थिरता की बेड़ियों से मुक्त किया जाए। आर्थिक नीतियों में निरन्तरता, व्यापार और रोजगार को गति देने के लिए एक देश-एक चुनाव समय की मांग है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए लोकमत तैयार करना है ताकि भारत को वैभवशाली और विकसित राष्ट्र बनाने की इस मुहिम में जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
उन्होंने कहा कि 1967 तक देश में लोकसभा तथा विधानसभा के चुनाव एक साथ सम्पन्न हुए। बाद में राजनैतिक अस्थिरता और समय से पहले सरकारें गिरने के वजह से चुनावी चक्र बिगड़ा। उन्होंने कहा कि गांव, गली, शहरों, खेत, खलिहानों, दुकानों, प्रतिष्ठानों में चर्चा के साथ ही हमें बड़ी संख्या में युवाओं को भी जोड़ना है। इसके लिए विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, कॉचिंग सेंटर, लाइब्रेरी सहित सभी शिक्षण संस्थानों, खेल के मैदानों में पहुंचकर हमें युवाओं को जोड़ना है और एक राष्ट्र-एक चुनाव के विषय को लोकव्यापी बनाना है। युवाओं से संवाद के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रदेश टोली के सदस्यों पर अभियान की सफलता की जिम्मेदारी है और सभी इस बड़ी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह सक्षम है।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अभियान से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे तय योजना के अनुसार समाज के विभिन्न वर्गों में जाकर इस बात को बताएं की एक राष्ट्र एक चुनाव देश हित में कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अभी तक उत्तराखण्ड राज्य में जो भी अभियान और कार्यक्रम एक राष्ट्र एक चुनाव के संदर्भ में आयोजित किए गए हैं उन्हें समाज के हर वर्ग के लोगों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ है। उन्होंने अभियान से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर तय योजना अनुसार समाज के विभिन्न वर्गों में जाकर इस बात को बताएं की एक राष्ट्र एक चुनाव देश हित में कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “वन नेशन वन इलेक्शन” का विचार देश को स्थिरता और चुनाव को पारदर्शिता प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। बार-बार होने वाले चुनावों से न केवल सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ता है, बल्कि विकास कार्यों में भी रुकावट आती है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से समय और धन की बचत होगी, साथ ही प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में गठित उच्चस्तरीय समिति ने मौजूदा चुनावी प्रणाली की कमियों को दूर करने के लिए ठोस सुझाव दिए हैं।
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