उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले, जब मात्र कुछ महीने शेष हैं, भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा अचानक पांच मंत्रियों को शपथ दिलाना उनके अंदर की घबराहट और अस्थिरता को साफ दर्शाता है यह कहना है उत्तराखंड कांग्रेस की नेता गरिमा मेहरा दसौनी का।
गरिमा ने कहा कि सबसे दिलचस्प और विडंबनापूर्ण तथ्य यह है कि इन पांच में से तीन मंत्री ‘कांग्रेस गोत्र’ से आते हैं। यह वही भाजपा है जो वर्षों तक कांग्रेस पर सवाल उठाती रही, लेकिन आज खुद कांग्रेस की विचारधारा और नेताओं के सहारे अपनी सरकार चलाने को मजबूर है।

दसौनी ने दावा किया कि यह कदम न तो प्रदेश के विकास के लिए है और न ही जनता के हित में—यह केवल चुनावी गणित साधने और आंतरिक असंतोष को दबाने का प्रयास है।
दसौनी ने कहा कि प्रदेश की जनता यह भलीभांति समझ चुकी है कि भाजपा के पास न नेतृत्व की स्थिरता है, न नीतियों की स्पष्टता। बार-बार चेहरे बदलना और आखिरी समय में मंत्रिमंडल का विस्तार करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपने ही कामकाज से संतुष्ट नहीं है। गरिमा ने कहा कि उत्तराखंड की जनता इस अवसरवादी राजनीति को नकारेगी और आने वाले चुनाव में एक मजबूत, जवाबदेह और जनहितकारी सरकार चुनेगी।

More Stories
सीएम धामी ने चंपावत के वाराही धाम में निर्माण कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया
कृषि को लेकर अहम योजना
बीजेपी सांसद कंगना रनौत के खिलाफ कांग्रेस ने देहरादून पुलिस से की कार्रवाई की मांग, राहुल गांधी के खिलाफ की गई बयानबाजी को लेकर जताई नाराज़गी