विधानसभा सहसपुर अंतर्गत सेलाकुई में जिला कांग्रेस कमेटी पछुवादून द्वारा आयोजित “अंकिता भंडारी को न्याय दो” कैंडल मार्च में उमड़ी जनता य साफ संदेश दे रही है कि उत्तराखंड की आत्मा आज भी न्याय के लिए तड़प रही है। यह केवल एक कैंडल मार्च नहीं, बल्कि उस आक्रोश, पीड़ा और गुस्से की अभिव्यक्ति है जो उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या के बाद से पूरे प्रदेश के दिलों में सुलग रहा है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस पार्टी यह स्पष्ट कर देना चाहती है कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटियों की अस्मिता की लड़ाई है। जब तक अंकिता को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, जब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी और जब तक दोषियों को सज़ा नहीं मिलेगी तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वौ जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश न करे। मोमबत्तियाँ आज जल रही हैं, कल मशालें बनेंगी। न्याय की इस लड़ाई से सरकार चाहे जितना भागे, सच्चाई और जनआंदोलन उसका पीछा करते रहेंगे। उत्तराखंड की बेटी को न्याय देना ही होगा, यही जनता का संकल्प है।
इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस के कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा ने कहा कि अंकिता की हत्या के बाद से कांग्रेस पार्टी, पीड़ित परिवार और प्रदेश का आम नागरिक लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। इसके बावजूद भाजपा सरकार का रवैया न केवल असंवेदनशील है, बल्कि संदेह पैदा करने वाला भी है। सरकार आखिर किस डर में जी रही है? हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच से इनकार करना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता के गलियारों में कोई न कोई ऐसा सच छिपा है, जिसे जनता से छुपाया जा रहा है। आर्येन्द्र शर्मा ने आगे कहा कि आज भी सबसे बड़ा सवाल यह है कि आख़िर किस VVIP को बचाने के लिए सरकार न्याय के रास्ते में दीवार बनकर खड़ी है? क्या उत्तराखंड की बेटियों की जान की कीमत सत्ता और रसूख से कम हो गई है? क्या यही वह उत्तराखंड है, जिसके लिए लोगों ने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी थी? आज प्रदेश की जनता पूछ रही है कि अगर सरकार निष्पक्ष है, तो बुलडोज़र क्यों चले, सबूत क्यों मिटे, जांच क्यों भटकाई गई और पीड़ित परिवार को आज तक न्याय क्यों नहीं मिला? आर्येन्द्र शर्मा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार का यह व्यवहार साबित करता है कि वह न्याय नहीं, बल्कि अपराधियों के संरक्षण में विश्वास रखती है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार का पहला कर्तव्य पीड़ित को न्याय दिलाना होता है, न कि सत्ता के करीबी लोगों को बचाना। लेकिन दुर्भाग्य से उत्तराखंड में आज सत्ता का चरित्र बिल्कुल उलट दिखाई दे रहा है।
इस अवसर पर संजय किशोर, अचर्ना रावत- ब्लॉक प्रमुख सहसपुर, सुमित चौधरी- अध्यक्ष नगर पंचायत सेलाकुई, लाल चंद शर्मा, राकेश नेगी, दीवान सिंह, हुकम चंद पाल, अमित नेगी, संजय रावत, राजेश रावत, संजय कुमार, अर्जुन कुमार, जॉय बर्सवाल, विजयन सिंह, सुधीर कुमार, संदीप भंडारी, सतीश कुमार, धीरज बिष्ट, शिवा भरद्वाज, प्रवीण चौहान, अशोक नेगी, हरिश बिष्ट, सशि पुंडीर,फ़रीद,सम्मी प्रकाश सहित सैकड़ों कांग्रेसजन एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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