22 March 2026

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धामी सरकार के चार वर्ष – उत्तराखंड की महिलाओं के अधिकार और सम्मान को मिली नई ताकत- दीप्ती रावत भारद्वाज

धामी सरकार के चार वर्ष – उत्तराखंड की महिलाओं के अधिकार और सम्मान को मिली नई ताकत- दीप्ती रावत भारद्वाज

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री एवं भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में ठोस और परिणामकारी कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखाई देने वाले बदलावों की सरकार है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ प्रदेश की लाखों महिलाओं और बेटियों को मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि धामी सरकार ने “उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण) अधिनियम, 2022” को लागू कर राज्य की सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिये 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को विधिक अधिकार प्रदान किया है। इस प्रावधान के लागू होने से नई भर्तियों में प्रदेश की हजारों बेटियों के लिये रोजगार के अवसर सशक्त रूप से खुले हैं और महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित हुई है।

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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की प्रसूता एवं धात्री महिलाओं को शिशु जन्म के समय आवश्यक वस्तुओं से युक्त किट प्रदान की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत हजारों माताओं को अब तक लाभान्वित किया जा चुका है, जिससे नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण को प्रारंभिक स्तर पर ही सुदृढ़ किया जा रहा है तथा माताओं को आवश्यक सहयोग प्राप्त हो रहा है।

BJP महामंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेटियों के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिये नंदा गौरा/नंदा देवी कन्या जैसी योजनाएँ निरंतर प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिनके अंतर्गत कन्या शिशु के जन्म तथा उच्च कक्षा, विशेष रूप से कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर दो चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से हजारों बालिकाओं को लाभ मिला है, जिससे न केवल बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिला है बल्कि उनकी शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।

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उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिये पोषण संबंधी योजनाएँ लगातार संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना तथा कुपोषण की समस्या से प्रभावी रूप से निपटना है। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाएँ बचत, सूक्ष्म ऋण, डेयरी, हस्तशिल्प एवं लघु उद्योगों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, जिससे ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “नारी शक्ति” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए धामी सरकार ने उत्तराखंड में महिला सशक्तिकरण के लिये एक मजबूत और स्थायी आधार तैयार किया है। बीते चार वर्षों में लिये गये ये निर्णय आने वाले समय में प्रदेश की लाखों माताओं और बेटियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले सिद्ध होंगे।

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अंत में उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड की मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिये निरंतर कार्य करती रहेगी।