उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। हरीश रावत ने 2016 में दलबदल करने वालों को वापस कांग्रेस में आने का ऑफर दिया है। विजय बहुगुणा समेत दलबदल करने वाले सभी नेताओं के लिए हरीश रावत ने कांग्रेस के दरवाजे खोलने की बात कही है। हरीश रावत ने कहा है प्रायश्चित करने का सभी को हक है। ऐसे उज्याडू बल्द को भी जिसे कांग्रेस ने उत्तराखंड से अपनवाया, मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचाया और जिस व्यक्ति ने अपने महान पिता के सामाजिक सद्भाव व धर्मनिरपेक्षता के महानत” सिद्धांतों को चौराहे पर आग लगा दी और कांग्रेस पार्टी की पीठ पर छूरा भौंककर भाजपा की गोद में बैठ गये। धर्म पद के लिए धर्मगुरु की पहचान को तिलांजलि देने वालों को भी प्रायश्चित का हक है।
2016 के दल-बदल और उसके बाद की घटना कांग्रेस, उत्तराखंड व लोकतंत्र पर आघात था। यह भी सत्य है कि यदि यह घटनाक्रम नहीं होता तो 2017 में भी कांग्रेस सत्ता में आती। इसका प्रमाण है, पार्टी को चुनाव में प्राप्त हुये लगभग 35 प्रतिशत मत। इस घटनाक्रम के सम्पूर्ण षड्यंत्र और उसमें सम्मिलित व्यक्तित्वों का सामने आना उत्तराखंड की राजनीति के लिए अति महत्वपूर्ण है। करोड़ों-करोड़ रूपया दल-बदल करवाने के लिए किन हाथों से आया, यह जानना उत्तराखंड की राजनीति की स्वच्छता के लिए आवश्यक है।
इस रहस्य को केवल दो व्यक्ति, नायक और सहनायक उद्घाटित कर सकते हैं। Dr Harak Singh Rawat जी ने एक महत्वपूर्ण रहस्य को उजागर कर इस कार्य की छोटी सी शुरुआत की है जिसकी थोड़ी सी पुष्टि श्री यशपाल आर्या जी ने भी की है। नैतिकता की दुहाई देने वाली भाजपा किस प्रकार अवैध धन वसूली से संचालित हो रही है, जगह-जगह विशाल कार्यालय बना रही है उसका रहस्य अब साफ हो गया है। डॉ हरक ने भाजपा के धन इकट्ठा करो पापाचार की हंडिया को चौराहे पर फोड़ दिया है। यह शुरुआत है। देखते हैं और कितने रहस्य डॉ हरक सामने लाते हैं? मैं तो भाजपा का राजनीतिक विरोधी हूं उन्हें सत्ताच्युत देखना चाहता हूं। डॉ हरक ने भाजपा के सर्वनाश का संकल्प लिया है।
मैं तो केवल #पापी_भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए काम कर रहा हूं। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी का स्वागत है, यहां तक कि और उज्याडू बल्दों और बकरी का भी स्वागत है, उन्हें भी अपने दल-बदल के पाप का प्रायश्चित करने का हक है। डॉ. हरक अब कांग्रेस के एक नेता हैं।
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