3 March 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

भूकंप से निपटने की तैयारी पर मॉकड्रिल, मुख्य सचिव ने लिया जायजा

भूकंप से निपटने की तैयारी पर मॉकड्रिल, मुख्य सचिव ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार भूकंप और भूकंप जनित आपदाओं से बचाव की तैयारियों को परखने के लिए आज शनिवार को राज्य के सभी 13 जनपदों में 80 से भी अधिक स्थानों पर राज्य स्तरीय माॅक ड्रिल का आयोजन किया गया। उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा पहली बार इतने बड़े स्तर पर माॅक ड्रिल आयोजित की गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से माॅक ड्रिल की निगरानी की गई।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एसईओसी पहुंचकर माॅक ड्रिल का निरीक्षण किया। उन्होंने जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति, टीमों की तैनाती, क्षति और विभागीय समन्वय की वास्तविक तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर मौजूद इंसीडेंट कमाण्डरों तथा राहत एवं बचाव कार्य में जुटे कर्मियों से भी बात की। उन्होंने सभी जनपदों से पूछा कि राज्य स्तर पर उन्हें किस प्रकार के सहयोग की आवश्यकता है।

See also  कैंम्पा परियोजना की संचालन समिति की बैठक

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि माॅक ड्रिल का विस्तृत डाक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए और जहां कमी या सुधार की आवश्यकता महसूस हुई है, उन्हें जिला स्तर पर प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। रेस्क्यू एवं रिलीफ टीमों के रिस्पांस टाइम को और बेहतर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शासन की ओर से इन सुधारात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और सभी तरह का सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति, आपदा प्रबंधन विभाग श्री विनय कुमार रुहेला ने कहा कि ड्रिल के दौरान जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता सामने आई है, उन्हें विभागीय स्तर पर शीघ्रता से दूर किया जाए। फील्ड में तैनात सभी टीमें अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप तत्परता बढ़ाएं। जिला प्रशासन, यूएसडीएमए और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय को और मजबूत बनाना होगा।

See also  देहरादून में सीएम आवास पर होली की धूम

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल में जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें बिना किसी देरी के दूर किया जाए। आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता में कमी न रहे और जिन उपकरणों का उपयोग फील्ड में किया जाना है, उनके संचालन का पूर्ण प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए।