2 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

एनसीसी कैडेट्स को NDMA ने दी अहम ट्रेनिंग

एनसीसी कैडेट्स को NDMA ने दी अहम ट्रेनिंग

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA), द्वारा संचालित युवा आपदा मित्र परियोजना के अंतर्गत एन.सी.सी. कैडेट्स के लिए आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कैडेट्स को बाढ़ से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई तथा बाढ़ के दौरान किस प्रकार राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा सकते हैं, इसके तकनीकी पहलुओं से रूबरू कराया गया।

द्वितीय सत्र में एन.डी.आर.एफ. (NDRF) के इंस्पेक्टर  दीपक द्वारा कैडेट्स को बाढ़ से संबंधित खतरों, उनसे बचाव के तरीकों, और आपात स्थिति में किए जाने वाले प्राथमिक उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

See also  सचिव आवास आर राजेश कुमार ने की समीक्षा बैठक

उन्होंने आकस्मिक स्थिति में स्थानीय संसाधनों जैसे प्लास्टिक की बोतलें, बांस, रस्सी आदि की मदद से तैरने वाले उपकरण (इम्प्रोवाइज्ड फ्लोटेशन डिवाइसेज़) बनाने का तरीका बताया, जिससे सीमित संसाधनों में भी लोगों की जान बचाई जा सकती है। NDRF टीम द्वारा इन उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिससे कैडेट्स को रेस्क्यू तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और सीखने का अवसर मिला।

इस दौरान कैडेट्स ने केरोसिन टिन राफ्ट, चारपाई राफ्ट, बांस से बनी राफ्ट, बैरल राफ्ट, केले के वृक्ष से बनी राफ्ट, ट्यूब राफ्ट, पानी की बोतल से बनी राफ्ट व लाइफ जैकेट, थर्मोकोल से बनी लाइफ जैकेट बनाने की विधि को सीखा। इसके साथ ही पानी में डूब रहे व्यक्ति को किस प्रकार बचाया जा सकता है, इसके बारे में भी कैडेट्स को बताया गया। कैडेट्स ने रीच विधि, थ्रो विधि, वेड विधि, वेट रेस्क्यू, कांटेक्ट टो रेस्क्यू आदि तकनीक को भी सीखा।

See also  जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम से फायदा उठा रहे लोग

प्रशिक्षण के पहले सत्र में मास्टर ट्रेनर मनोज कंडियाल द्वारा कैडेट्स को आपदा प्रबंधन की मूल अवधारणाओं से अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि आपदा केवल एक घटना नहीं होती, बल्कि इसके सामाजिक, आर्थिक व मानसिक प्रभाव होते हैं। इस दौरान आपदाओं के प्रकार, उनकी गंभीरता, युवाओं की भूमिका और आपदा की स्थिति में किए जाने वाले त्वरित उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बता दें कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सजग, सक्षम और उत्तरदायी नागरिक के रूप में तैयार करना है, ताकि वे आपदा की स्थिति में स्वयं की और दूसरों की रक्षा कर सकें तथा अपने समुदाय में जन-जागरूकता फैलाकर आपदा जोखिम को कम करने में योगदान दे सकें।