जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत पिथौरागढ़ की 64 न्याय पंचायतों में दिनांक 17 दिसम्बर 2025 से 12 फरवरी 2026 तक व्यापक स्तर पर जनसुनवाई एवं सेवा प्रदाय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज न्याय पंचायत दन्तोला स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पांखू, विकास खण्ड बेरीनाग में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दर्जा मंत्री हेमराज सिंह बिष्ट और डीजल पिथौरागढ़ आशीष भटगांई मौजूद रहे।शिविर में दूर-दराज एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी-अपनी समस्याएं, शिकायतें एवं मांगें लेकर उपस्थित हुए। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी द्वारा आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर सैकड़ों जनसमस्याओं का त्वरित समाधान किया गया, जिससे ग्रामीणों में विशेष संतोष एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों द्वारा टूटी हुई नालियों एवं सड़कों के निर्माण, फसलों की सुरक्षा हेतु तारबाड़ लगाए जाने, पेयजल आपूर्ति को नियमित एवं सुचारु किए जाने, जंगली जानवरों से सुरक्षा,राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक सरकारी दस्तावेज बनाए जाने, चेक डैम निर्माण, खेल मैदान निर्माण, विद्युत लाइन सुधार, स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याएं तथा आंगनबाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन निर्माण जैसी प्रमुख समस्याएं एवं मांगें रखी गईं।
इस दौरान स्थानीय जनता द्वारा क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल आपूर्ति बाधित होने का मामला जिलाधिकारी के सम्मुख प्रमुखता से उठाया गया। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पेयजल विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि क्षेत्र में पेयजल संकट का तत्काल एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता में किसी भी प्रकार की लापरवाही कदापि स्वीकार्य नहीं है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी खराब हैंडपंप, पाइपलाइन एवं पेयजल योजनाओं का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कार्य पूर्ण किया जाए तथा नियमित जलापूर्ति बहाल की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि भविष्य में इस प्रकार की समस्या की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कारगर कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक समस्या पर संबंधित विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों से तत्काल स्पष्टीकरण लिया गया और अधिकतर मामलों में मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दूरस्थ, सीमांत एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की योजनाओं को प्रभावी रूप से पहुंचाना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में जनसुनवाई कार्यक्रम जिला, ब्लॉक अथवा विधानसभा स्तर पर आयोजित किए जाते थे, जिससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने में कठिनाई होती थी, किंतु अब न्याय पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाने से समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया सरल, त्वरित एवं प्रभावी हुई है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा महिलाओं को महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। शिविर में लगभग 620 व्यक्तियों द्वारा सहभागिता की गई, जबकि विभिन्न विभागीय सेवाओं के माध्यम से कुल 849 लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुल 105 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 92 शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया तथा शेष 13 शिकायतों को संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया।
शिविर में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, कृषि एवं कृषक कल्याण, उद्यान, समाज कल्याण, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, आयुष, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, सहकारिता, शिक्षा, पेयजल, ऊर्जा, वन, आपदा प्रबंधन, डेयरी, मत्स्य, कौशल विकास सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, जॉब कार्ड, श्रम कार्ड, परिवार रजिस्टर, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न योजनाओं के आवेदन भी भरवाए गए तथा लाभार्थियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री हेमराज बिष्ट के अलवा विधायक गंगोलीहाट फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद, ब्लॉक प्रमुख बेरीनाग संगीता चन्याल, मुख्य विकास अधिकारी डा0 दीपक सैनी,सहित कुल 35 जनप्रतिनिधि एवं 87 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों द्वारा भी ग्रामीणों की समस्याओं को रखते हुए उनके त्वरित समाधान पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों एवं ग्रामीणों से अपील की गई कि आगामी न्याय पंचायतों में आयोजित होने वाले शिविरों के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। साथ ही समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक शिविर में स्वयं उपस्थित रहकर जनसमस्याओं का अधिकतम निस्तारण मौके पर ही सुनिश्चित करें, जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।

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