उत्तराखंड कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज आपदा प्रभावित धराली का दौरा किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ करन माहरा भी मौजूद रहे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने सबसे पहले इस भीषण आपदा में जान गंवाने वाले सभी भाई-बहनों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

धराली पहुंचने पर करन माहरा ने कहा कि आज एक बार फिर धराली की धरती पर कदम रखा। यहां दर्द अभी भी उतना ही ताज़ा है, घाव अभी भी उतने ही गहरे हैं। करन माहरा ने आगे कहा कि उन्होंने आपदा के समय यहां आकर धराली के लोगों की पीड़ा को करीब से महसूस किया था। कई घर आज भी खामोश खड़े हैं, कई परिवार आज भी अपनों की याद में डूबे हुए हैं। यहां की हवा तक में दर्द है, लेकिन साथ ही उम्मीद भी है, उम्मीद कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी, उनके घाव भरे जाएंगे, और उन्हें उनके अधिकार का न्याय मिलेगा।
स्थानीय लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं और दर्द कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के सामने रखा। लोगों के साथ दुःख साझा करते हुए माहरा ने कहा कि टूटी आशाओं, बर्बाद जिंदगी और अधूरी सरकारी मदद की कहानी हर किसी के दिल को झकझोर देती है। सरकार की लापरवाही ने लोगों के दुःख को और बढ़ा दिया है। लेकिन मैंने आज फिर खुद से एक वादा किया है धराली को हम अकेला नहीं छोड़ेंगे। यहां के दर्द को हम सिर्फ सुनेंगे नहीं, बल्कि इसे आवाज़ देंगे। हर मंच पर, हर स्तर पर, इन लोगों के अधिकार और न्याय के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।उन्होंने आपदा पीड़ितों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि धराली सिर्फ एक जगह नहीं, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यहाँ के हर व्यक्ति का दर्द हमारा दर्द है, और उनकी लड़ाई अब हमारी लड़ाई है।

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