14 January 2026

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बॉबी पंवार ने खोला मोर्चा, उत्तरकाशी में प्रांतीय रक्षक दल के कार्यालय में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप, जांच की उठाई मांग

बॉबी पंवार ने खोला मोर्चा, उत्तरकाशी में प्रांतीय रक्षक दल के कार्यालय में भ्रष्टाचार का लगाया आरोप, जांच की उठाई मांग

जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल कार्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों ने उत्तरकाशी के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने प्रेस वार्ता में कई गंभीर खुलासे करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। पंवार के आरोपों के बाद कार्यालय में तालाबंदी कर दी गई, जिससे पूरे मुद्दे ने और तूल पकड़ लिया है।

गढ़वाल विकास निगम सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बॉबी पंवार ने कहा कि विभाग में वर्षों से चाचा–भतीजावाद, पक्षपात और गलत नियुक्तियों का खेल चलता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला युवा कल्याण अधिकारी वर्ष 2016 से एक ही पद पर जमे हुए हैं, जो स्वयं विभागीय नियमों का उल्लंघन है। वहीं, वरिष्ठ सहायक राजकुमार करीब दस वर्षों से इसी कार्यालय में तैनात रहकर दो बार पदोन्नति का लाभ ले चुके हैं।

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पंवार का कहना है कि खेलकूद महोत्सव के लाभार्थियों को मिलने वाले लाभों में भारी अनियमितताएँ हुईं, वहीं कार्यालय सामग्री की खरीद में भी बड़े पैमाने पर हेराफेरी के दस्तावेज आरटीआई के माध्यम से सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं और कुछ स्थानीय नेताओं व अधिकारियों का संरक्षण मिलते रहने से यह भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता गया।

प्रेस वार्ता के बाद बॉबी पंवार अपने समर्थकों के साथ सीधे जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल कार्यालय पहुंचे और प्रतीकात्मक विरोध के रूप में कार्यालय में तालाबंदी कर दी। इसके बाद स्वाभिमान मोर्चा ने कार्यालय के बाहर धरना प्रारंभ कर दिया। उनका कहना है कि जब तक अधिकारी को हटाकर निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई जाती, आंदोलन जारी रहेगा। मोर्चा ने चेतावनी भी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज कर दिया जाएगा। अधिकारी पक्ष इस समय जिले से बाहर है, और उनसे विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार अधिकारी ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। फिलहाल मामला जिला प्रशासन के कोर्ट में है, और आगे की कार्रवाई तय करेगी कि युवा कल्याण कार्यालय में उभरा यह विवाद किस दिशा में जाएगा।