2 February 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

पिथौरागढ़ में ऋषेंद्र महर ने गुलदार के हमले में घायल बच्चे का हाल जाना, सरकार को सुझाव दिए

पिथौरागढ़ में ऋषेंद्र महर ने गुलदार के हमले में घायल बच्चे का हाल जाना, सरकार को सुझाव दिए

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर ने आज पिथौरागढ़ के जीबी गांव में जाकर कुछ दिन पूर्व गुलदार के हमले में घायल 9 वर्षीय बालक प्रकाश बिष्ट और उसके परिवार से मुलाकात की। गुलदार ने 20 जनवरी की शाम को बच्चे पर हमला किया था, आज ऋषेंद्र महर ने ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित अन्य जनों के साथ घटनास्थल को देखा और पीड़ित बालक के घर जाकर उसकी माताजी एवं परिवारजनों से मुलाकात की और अपने स्तर से सहायता स्वरूप कुछ धनराशि दी। पीड़ित परिवार वालों ने बताया कि गुलदार ने शाम को बच्चे पर हमला किया और बच्चे के पूरे चेहरे और सर पर जगह जगह पंजे से गहरे निशान बना दिए , बच्चे के चिल्लाने पर उसके पिता ने शोर मचाने और लाठी से गुलदार को मारने पर गुलदार ने बच्चे को छोड़ा, हमले में घायल बालक का इलाज 1 हफ्ते से ज्यादा समय तक जिला अस्पताल में चला।

See also  जन जन की सरकार जन जन के द्वार कार्यक्रम से फायदा उठा रहे लोग

 

ग्राम प्रधान , क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्रामीणों ने बताया कि अभी भी गुलदार क्षेत्र में दस्तक दे रहा है जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। लोगों ने कहा कि वन विभाग ने पिंजरे तो लगाए गए है परंतु अभी तक गुलदार पकड़ में नहीं आ पाया है । इस मुद्दे पर ऋषेंद्र महर ने कहा कि पिथौरागढ़ सहित पूरे प्रदेश में आए दिन जंगली जानवरों के हमले से काफी लोगों की मृत्यु और गंभीर रूप से घायल होने की खबर आते रहती हैं, पर अभी भी शासन और प्रशासन के स्तर से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे है जो सरकार की उदासीनता दिखाता है। महर ने प्रशासन और वन विभाग से अनुरोध है कि कैसे भी क्षेत्र वासियों वासियों को गुलदार से निजात दिलाने का कार्य करें। ऋषेंद्र महर ने सरकार से मांग है कि आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देकर उनको कुछ राहत दी जाए ताकि पीड़ित परिवार को कुछ सहारा मिल सके ।

See also  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज किया इस पोर्टल का आगाज़

 

महर ने ये भी कहा कि अभी भी वन विभाग के कर्मी केवल पुराने हत्यारों और अन्य सामग्रियों का ही इस्तेमाल करते है जिससे उनको भी खतरा बना रहता है और समस्या का निदान भी नहीं होता, इसीलिए सरकार ने वन विभाग को भी अत्याधुनिक तकनीक और नवीन और उन्नत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ साथ ट्रेनिंग कराई जानी चाहिए ताकि विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए लोगों को राहत मिल सके। इस अवसर पर ग्राम प्रधान सूरज कुमार, ग्राम प्रधान उर्ग धर्मेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान घुनशेरा कमल भट ,पूर्व प्रधान चितरंजन चंद, शंकर खड़ायत, दीपक चंद देवा, आनंद धामी, जतिन वल्दिया ,रवि कन्याल साथ में उपस्थित रहे।