12 April 2026

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धामी को एक साथ 10 हजार लोग दिखाएंगे काले झंडे, विधायक ने कर दिया ऐलान

धामी को एक साथ 10 हजार लोग दिखाएंगे काले झंडे, विधायक ने कर दिया ऐलान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भारी विरोध का सामना करना पड़ सकता है। सीएम धामी 17 नवंबर को पिथौरागढ़ जाने वाले हैं उसी दिन उन्हें 10 हजार से ज्यादा लोग काले झंडे दिखाने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री को अपने पैतृक जिले में ही इतने भारी विरोध का सामना क्यों करना पड़ रहा है इसे लेकर भी काफी अहम पहलू हैं।

कांग्रेस विधायक मयूख महर की चेतावनी

पिथौरागढ़ से कांग्रेस विधायक मयूख महर बीते 5 दिन से धरने पर हैं विधायक की मुख्य मांग नैनीसैनी हवाई अड्डे से हवाई यात्रा शुरू करने, बेस हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की नियुक्ति करने की है।

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मयूख महर ने ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो सीएम धामी कओ 10 हजार लोग काले झंडे दिखाकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। मयूख महर ने कहा है

“आज धरना स्थल पर सीडीओ ,एडीएम,एसडीएम,सीओ महोदय ने मौके पर आकर वार्ता की। मेरा प्रदेश सरकार व प्रशासन से स्पष्ट कहना है कि जब तक नैनीसैनी से विमान नहीं उडेगा,बेस अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं होगी, यूपीएससी से लेकर अन्य केंद्र व राज्य के परीक्षाओं का पिथौरागढ़ में केंद्र नहीं बनाया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री धामी जी 17 नवंबर को शरदोत्सव का शुभारंभ करने आ रहे हैं मैं चेतावनी देता हूं 10 हजार लोग देव सिंह मैदान में पहुंचकर काले झंडे लेकर विरोध जताऐंगे।”

जिला प्रशासन की कोशिश नाकाम

वहीं पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने विधायक से धरना खत्म करने की अपील की है।

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कलेक्ट्रेट परिसर में विगत दिनों से विभिन्न मांगों को पूर्ण किए जाने हेतु धरने/अनशन पर बैठे माननीय विधायक पिथौरागढ़ मयूख सिंह महर एवम अन्य जनप्रतिनिधि से धरना समाप्त किए जाने हेतु

आज जिला प्रशासन की ओर से प्रभारी जिलाधिकारी पिथौरागढ़ वरुण चौधरी, एडीएम डा. एसके.बरनवाल, एसडीएम सदर अनिल कुमार शुक्ला एवम पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र पंत द्वारा भेंट कर माननीय विधायक जी से धरना प्रदर्शन समाप्त किए जाने की अपील की गई।
प्रभारी जिलाधिकारी ने माननीय विधायक को अवगत कराया कि उनके द्वारा जो भी विभिन्न मांगे रखी जा रही है उन्हें शासन के संज्ञान में लाया गया है।

प्रशासन की इस पहल का कोई असर नहीं पड़ा और विधायक ने धरना जारी रखने का ऐलान किया है। जिससे प्रशासन की मुश्किल बढ़ गई है साथ ही सरकार के लिए भी परेशानियां बढ़ रहीं हैं।

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