15 August 2026

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सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू पर इंद्रेश मैखुरी के गंभीर सवाल

सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू पर इंद्रेश मैखुरी के गंभीर सवाल

उत्तराखंड के समाजसेवी और सीनियर लेफ्ट लीडर इंद्रेश मैखुरी ने सिलक्यारा टनल हादसे के बाद चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मैखुरी ने लिखा है

फर्ज कीजिये कि सीमा पर युद्ध चल रहा है. बंदूक से लड़ना शुरू किया.बंदूक खराब हो जाए तो दिल्ली को हांक लगाई जाए कि अब तोप भेजो. तोप आने में दो दिन लगें. तोप में दिक्कत हो तो फिर दिल्ली को आवाज़ लगाई जाए कि टैंक भेजा जाए. टैंक में खराबी आ जाए तो फिर दिल्ली को आवाज़ लगाई जाए कि टैंक की मरम्मत के लिए एक्सपर्ट भेजे जाएं ! वे एक्सपर्ट चार दिन में पहुंचें।

सोचिये ऐसे युद्ध लड़ा जाए तो क्या होगा ? जाहिर है कि जीत तो नहीं होगी ना !

यह सवाल इसलिए क्योंकि उत्तरकाशी में सुरंग से मजदूरों को निकालने का जो रेस्क्यू ऑपरेशन आधे महीने से चल रहा है, वो ऐसे ही चल रहा है. एक मशीन अटक गयी तो दिल्ली से मशीन बुलाई गये. वो भी अटक गयी तो इंदौर से दूसरी मशीन बुलाई गयी. मशीन में खराबी आई तो दिल्ली से विशेषज्ञ बुलाये गए. अब मशीन काटनी है तो प्लाज़मा कटर हैदराबाद से आ रहा है. और इन सब के आने, मशीनों के अटके रहने में बार- बार दो-दो, चार-चार दिन लगते रहे !

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यह है वो युद्ध स्तर है, जिससे रेस्क्यू अभियान चलाया जाता रहा. यह युद्ध स्तर नहीं युद्ध में दिग्भ्रमित घेंघा रफ्तार है. जो इस दिग्भ्रमित घेंघा रफ्तार से रेस्क्यू ऑपरेशन में फोटो खिंचवाने का अवसर तलाश रहे हैं, उनका तो कुछ नहीं बिगड़ेगा, लेकिन सुरंग के भीतर 15 दिन से फंसे मजदूरों की जिंदगी पर बन आयेगी. देहरादून, दिल्ली से हवाई दौरों की नहीं, बचाव अभियान की रफ्तार बढ़ाओ सरकार !

नवयुग लिमिटेड का अनलिमिटेड ‘विकास’!

इंद्रेश मैखुरी ने टनल बना रही कंपनी पर भी सवाल उठाए हैं। मैखुरी ने कहा है नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड जिसकी कारस्तानी से 41 मजदूर आधे महीने से सुरंग में कैद हैं, उसकी ख्याति इसी तरह के लचर कामों के लिए है।

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नागपुर -मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस वे के फेज तीन का ठेकानवयुग इंजीनियरिंग कंपनी के पास है. अगस्त 2023 में इनकी साइट पर एक बड़ी क्रेन (गर्डर लॉन्चिंग मशीन) गिर गयी. इस दुर्घटना में बीस मजदूर मारे गए. इस मामले में पुलिस ने आई पी सी की धारा 304 (आपराधिक मानव वध)के तहत मुकदमा दर्ज किया था.

अगस्त में हुई इस दुर्घटना की जानकारी केंद्र सरकार को थी, उसके बावजूद नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के बाकी कामों की निगरानी नहीं की गयी.

नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड के पास ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे लाइन का भी काम है. क्या यहां भी एक और दुर्घटना का इंतजार कर रही है, केंद्र सरकार ?

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हमारी यह मांग है कि नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को उत्तराखंड में दिये गए सभी ठेके निरस्त किये जाएं. उनके अब तक के सभी कामों का सेफ्टी ऑडिट हो और लापरवाही पाए जाने पर वसूली और मुकदमा हो. सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का सारा खर्च नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड से वसूला जाए.इनके विरुद्ध आपराधिक लापरवाही और मजदूरों का जीवन संकट में डालने के लिए मुकदमा दर्ज किया जाए.