25 September 2026

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चमोली के हिमाच्छादित गांवों में दूसरे चरण की जनगणना तेज

चमोली के हिमाच्छादित गांवों में दूसरे चरण की जनगणना तेज

जनगणना-2027 के तहत जनपद चमोली के हिमाच्छादित राजस्व ग्रामों में जनगणना संबंधी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा निर्धारित जनगणना ब्लॉकों में कार्य किया जा रहा है। अब तक हिमाच्छादित क्षेत्रों में लगभग 80 प्रतिशत जनगणना कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा 1800 से अधिक परिवारों का डेटा सिंक किया जा चुका है। चमोली के हिमाच्छादित गांवों में दूसरे चरण की जनगणना तेज

जनपद स्तर से जनगणना से संबंधित समस्त कार्यों की नियमित समीक्षा, पर्यवेक्षण, भौतिक सत्यापन एवं स्थलीय जांच की जा रही है। इसी क्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशानुसार सहायक भूलेख अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने 21, 22 एवं 23 सितंबर को तहसील ज्योतिर्मठ के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र मलारी के अंतर्गत आने वाले जनगणना ब्लॉकों का स्थलीय निरीक्षण किया।

क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान कोषा, मलारी, कैलाशपुर, फरकिया, गुरुगुटी, बंपा, गमशाली एवं नीति सहित विभिन्न हिमाच्छादित गांवों में जनगणना कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं पर्यवेक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित जनगणना ब्लॉकों में तैनात प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने अब तक पूर्ण किए गए कार्यों, परिवारों के डेटा की स्थिति तथा डेटा सिंक की प्रगति का भी जायजा लिया।

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जनगणना-2027 के तहत जनपद चमोली में कुल 25 स्नो बाउंड विलेज चिन्हित किए गए हैं। इनमें ज्योतिर्मठ तहसील के नीती, गमशाली, बंपा, फरकिया गांव, गुरुगुटी, मेहरगांव, कैलाशपुर, मलारी, कोषा, जेलम, द्रोणागिरी, गरपाक, कागा लगा द्रोणागिरी, लमतोली, जुम्मा, रेवेल चाक कुरकुटी, तोलमा, माणा, भ्यूंडार, बामणी, बद्रीनाथ, खीरो तथा ओध हनुमान चट्टी शामिल हैं। वहीं चमोली तहसील के रुद्रनाथ एवं पांगर्वासा (कांचुला खर्क) को भी स्नो बाउंड विलेज के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

इन क्षेत्रों में शीतकाल के दौरान नवंबर से अप्रैल तक अधिकांश परिवारों के निचले क्षेत्रों की ओर प्रवास करने के कारण जनगणना कार्य को निर्धारित समय में पूर्ण करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसी उद्देश्य से इन गांवों के नागरिकों को 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई थी। इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा घर-घर जाकर मैपिंग एवं जनगणना संबंधी कार्य किया जा रहा है। इसके पश्चात 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण कार्य किया जाएगा।

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वर्तमान में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों द्वारा इन गांवों में घर-घर जाकर स्व-गणना एवं जनगणना से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसी क्रम में अब तक लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने तथा 1800 से अधिक परिवारों का डेटा सिंक किए जाने से जनगणना कार्य की प्रगति में तेजी आई है।

जिला प्रशासन द्वारा हिमाच्छादित क्षेत्रों में चल रहे जनगणना कार्य की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करने, परिवारों से संबंधित जानकारी का सही एवं पूर्ण विवरण दर्ज करने तथा डेटा सिंक की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

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विदित हो कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण में स्व-गणना पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की स्व-गणना की प्रक्रिया 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक संचालित की गई थी। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणकों द्वारा हाउस लिस्टिंग का कार्य किया गया। जनपद चमोली में इस चरण के लिए कुल 1,469 जनगणना ब्लॉक बनाए गए थे, जिनमें 814 प्रगणक, 145 सुपरवाइजर एवं 24 चार्ज अधिकारियों द्वारा कार्य किया गया और प्रथम चरण का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया था।