नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में राजनीति गर्म है। इस पूरे मामले की शिकायत कांग्रेस विधायकों ने अब राज्यपाल से की है।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार संवैधानिक परंपराओं को तार तार कर रही है और विपक्ष की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है।
प्रीतम सिंह ने क्या कहा?
पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस विधानमंडल दल के साथ सरकार द्वारा संवैधानिक मूल्यों की लगातार उपेक्षा किये जाने, सत्रावसान किये बिना ही विशेष सत्र के नाम पर प्रश्नकाल, अविलम्बनीय लोक महत्व की सूचनाओं को स्थगित किये जाने के अवैधानिक कृत्यों के विरोध में महामहिम श्री राज्यपाल महोदय से शिष्टाचार भेंट कर ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु सरकार को निर्देशित करने की कृपा करेंगें।
प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी , विधायक राजेन्द्र भंडारी, हरीश धामी, ममता राकेश, फुरकान अहमद, तिलक राज़ बेहड़, मदन सिंह बिष्ट, मनोज तिवारी, विक्रम सिंह नेगी, आदेश सिंह चौहान, गोपाल सिंह राणा, खुशहाल सिंह अधिकारी और वीरेंद्र जाती जी मौजूद रहे।

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