पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जल सत्याग्रह की चेतावनी दी है। हरिद्वार के लक्सर, रुड़की और आसपास के इलाकों में बाढ़ की वजह से हो रही परेशानी को लेकर हरीश रावत ने सरकार और सरकारी तंत्र पर सवाल उठाए हैं। हरीश रावत ने कहा है कि अगर 5 बजे तक पानी की निकासी नहीं होती तो पानी में बैठकर धरना देना उनकी मजबूरी बन जाएगी। हरीश रावत कल से ही बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे हैं। हरीश रावत ने कहा है “मैं साउथ #सिविल_लाइन_रुड़की में हूं, यहां करीब कमर-कमर तक पानी भरा हुआ है, लोगों के लिए घरों से निकलना तो असंभव है और लोगों को अच्छा #पानी भी नहीं मिल पा रहा है, सब्जियां नहीं मिल पा रही हैं, मेरे सामने कुछ लोग अपना घर छोड़ कर के गए हैं, और जगह पानी उतरा है लेकिन यहां पानी के उतार की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है, लोगों में बड़ा भारी गुस्सा है। मैंने #SDM, #MNA और #DM, तीनों से बातचीत की है ! यदि आज 5 बजे तक यह पानी नहीं उतरता है तो मेरे लिए यह मजबूरी है कि मैं #पानी_में_बैठूंगा, डूबने लायक तो नहीं है लेकिन मैं पानी में बैठूंगा। मैं किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहता, लेकिन जिस तरीके की एक संपूर्ण #लापरवाही यहां पानी निकासी के विषय में हो रही है, वो यहां के लोगों का उपहास है और मैं, इस क्षेत्र में आया हूं तो मेरा दायित्व है कि मैं इसकी गंभीरता को सब लोगों के सामने रखूं।”


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