पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बाढ़ प्रभावित लक्सर और हरिद्वार में लोगों की समस्याएं सुनने के साथ ही पानी में धरने पर बैठ गए हैं। हरीश रावत ने सरकारी मशीनरी पर बाढ़ का पानी निकालने के लिए पुख्ता इंतजाम ना करने का आरोप लगाया है। हरीश रावत के मुताबिक बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जो कदम उठाए जाने चाहिए थे और जिस तेजी से राहत पहुंचाई जानी चाहिए थी उस हिसाब से काम नहीं किया जा रहा इसीलिए उन्हें धरने पर बैठना पड़ रहा है। हरीश रावत ने आज दिन में ही ऐलान किया था कि शाम 5 बजे तक पानी निकासी का इंतजाम नहीं किया गया तो वो जल सत्याग्रह करेंगे। अल्टीमेटम की मियाद खत्म होने के साथ ही हरीश रावत पानी में धरना दे रहे हैं। हरीश रावत कल से ही बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं और लोगों से मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की इस सक्रियता को 2024 चुनाव की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
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