मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आज सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की राज्य स्तरीय मूल्यांकन अनुश्रवण समिति की पहली समीक्षा बैठक की। उन्होंने देहरादून के ISBT क्षेत्र में भिक्षावृति को खत्म कर उनके पुर्नवास के लिए विभाग को पायलट प्रोजेक्ट पर तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान राज्य में कुछ अनाथ, गरीब, भिक्षावृति में लिप्त, जरूरतमंद एवं प्रवासी मजदूरो के बच्चों को जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, राशन कार्ड आदि के न होने के कारण स्कूलों द्वारा दाखिला न दिए जाने के मामले संज्ञान में आए। शिक्षा के मुद्दे को अत्यन्त संवेदशीलता से लेते हुए मुख्य सचिव ने अपर सचिव शिक्षा श्रीमती रंजना राजगुरू को इस सम्बन्ध में नोडल बनाया और किसी भी बच्चे को किसी भी कारण से सरकारी स्कूल में दाखिले से मना करने वाले प्रधानाचार्य या शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

More Stories
चारधाम हेली बुकिंग के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों पर STF ने कसी नकेल, 180 सोशल मीडिया लिंक किए ब्लॉक
तुंगनाथ चंद्रशिला ट्रैक पर फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू
महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण जल्द लागू होना तय