उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने स्वतंत्र पत्रकार तथा जागो उत्तराखण्ड के सम्पादक आशुतोष नेगी की गिरफतरी की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए इस कार्रवाई को पुलिस के माध्यम से आम आदमी की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
करन माहरा ने कहा कि सरकार के इशारे पर वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफतारी की गई है। पीसीसी चीफ ने कहा कि बीजेपी सरकार सत्ता और पुलिस के बल पर अपनी पार्टी के नेताओं के गुनाहों पर पर्दा डालने और आम जन की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटी अंकिता भण्डारी की हत्या में बीजेपी नेता के पुत्र की संलिप्तता जग जाहिर है लेकिन सरकार में उन्हें सजा दिलाने की बजाय जो लोग पीड़ित की आवाज उठा रहे हैं उन्हें ही धममियां मिल रही हैं ये कैसा न्याय है?
बीजेपी शासित राज्यों में अत्याचार- माहरा
करन माहरा ने कहा कि जिन प्रदेशों में बीजेपी की सरकारें हैं वहां महिलाओं पर अत्याचार बढते जा रहे हैं और बीजेपी सरकारों ने हमेशा दोषियों को बचाने का काम किया है। इससे बीजेपी का महिलाओं के प्रति सम्मान एवं गिरगिटी चरित्र भी सबके सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी का नाम उजागर करने से भी बीजेपी बचती रही है और एक प्रायोजित तरीके से पत्रकार आशुतोष नेगी को लगातार धमकी मिलने पर जब उनके द्वारा इसकी शिकायत की गई तो उन्हें सुरक्षा देने की बजाय बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा नेगी की गिरफ्तारी किया जाना बीजेपी की हिटलरशाही तथा गुनहगार प्रेम को दर्शाती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पूरे उत्तराखण्ड की जनता अंकिता भण्डारी के साथ खड़ी रही परन्तु भाजपा के बडबोले प्रवक्ता तथा नेताओं ने संवेदना का एक भी शब्द नहीं बोला और न ही आज तक उसके परिवार को न्याय मिल पाया है। उन्होंने मांग की है कि पत्रकार आशुतोष नेगी को धमकी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाय तथा दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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