2024 चुनाव की तैयारी के लिए विपक्ष के नेता आज से बेंगलुरू में जुटेंगे। दो दिन तक चलने वाली बैठक में 26 दलों के नेताओं के जुटने का दावा किया जा रहा है। बैठक में मोदी और बीजेपी को रोकने की रणनीति बनाई जाएगी। 23 जून को विपक्षी दलों की पटना में पहली बैठक हुई थी। दूसरी बैठक शिमला में तय की गई थी लेकिन आपदा की वजह से अब बेंगलुरू में नेता एकजुट हो रहे हैं। विपक्षी नेताओं को आज सोनिया गांधी की ओर से डिनर भी दिया जाएगी। पटना वाली मीटिंग में सोनियां शामिल नहीं हो पाईं थी लिहाजा आज की बैठक में सोनिया की मौजूदगी विपक्ष के लिहाज से सकारात्मक पहलू हो सकता है। विपक्ष की कोशिश 2024 में बीजेपी को सत्ता पर काबिज होने से रोकने की है। इसीलिए तमाम मदभेद भुलाकार एकजुट होने की कवायद की जा रही है। दिल्ली को लेकर केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। यानि आम आदमी पार्टी को कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है। लिहाजा आनाकानी के बाद AAP भी बेंगलुरू की बैठक में शामिल होने को राजी हुई है। गठबंधन की राजनीति के जरिए कांग्रेस और दूसरे विपक्ष दल सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं। मगर इसमें कितनी कामयाबी मिलेगी ये कहना मुश्किल है। दूसरी ओर 18 जुलाई को दिल्ली में NDA की भी बैठक होगी। जिसमें 30 दलों के शामिल होने की उम्मीद है। फिलहाल सियासी बिसात बिछाने में सभी जुटे हैं मगर जनता कामयाबी किसे मिलेगी ये जनता को तय करना है।

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