भारत मंडपम् में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट जैसे वैश्विक मंच पर कांग्रेस द्वारा किए गया विरोध प्रदर्शन को सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं आश्चर्यजनक बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान, नवाचार और तकनीक की सदी है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकास की दिशा निर्धारित कर रही है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर नकारात्मक राजनीति करना देश की प्रगति की भावना के विपरीत है।
रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विजनरी सोच ने भारत को नई वैश्विक पहचान दिलाई है। उनका स्पष्ट संकल्प है कि AI केवल “Artificial Intelligence” तक सीमित न रहे, बल्कि “Aspiring India” और “Augmented India” का सशक्त माध्यम बने—तकनीक के जरिए अंतिम व्यक्ति तक अवसर, पारदर्शिता और सशक्तिकरण पहुँचे। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और नवाचार आधारित शासन की पहल ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि जब विश्व भारत की क्षमता और नेतृत्व को स्वीकार कर रहा है, तब ऐसे मंच पर विरोध प्रदर्शन यह दर्शाता है कि कुछ लोगों को परिवर्तन और प्रगति की यह गति स्वीकार नहीं है। लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, परंतु राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
सांसद रावत ने कहा कि देश की जागरूक जनता सब जानती है, भविष्य विरोध से नहीं, विजन और संकल्प से बनता है। भारत तकनीक, नवाचार और सशक्त नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है और विकास की इस यात्रा को कोई भी नकारात्मक राजनीति रोक नहीं सकती।

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