उत्तराखण्ड शासन ने राज्याधीन सेवाओं में हड़ताल पर अगले छह माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। आज कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की।
जारी अधिसूचना के अनुसार, लोकहित को ध्यान में रखते हुए उ.प्र. अत्यावश्यक सेवाओं का अनुरक्षण अधिनियम, 1966 (जो उत्तराखण्ड राज्य में लागू है) की धारा 3(1) के तहत यह निर्णय लिया गया है। आदेश जारी होने की तारीख से आगामी छह महीनों तक राज्याधीन सेवाओं में किसी भी तरह की हड़ताल पूरी तरह निषिद्ध रहेगी।

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