चौखुटिया का स्वास्थ्य आंदोलन अब चिंता और तनाव में बदल गया है, आंदोलन का नेतृत्व करने वाले भुवन कठायत लापता हो गए हैं। जिस आंदोलन की शुरुआत क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग के साथ हुई थी, वह अब चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गया है। ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन की अगुवाई कर रहे भुवन कठायत 24 नवंबर से लापता हैं और उनका परिवार बेहद व्याकुल है। 24 नवंबर दोपहर से उनका मोबाइल बंद है। अमस्यारी स्थित घर पर भी वे नहीं मिले। घर में पसरा सन्नाटा और इंतजार। मां व्यथित है, पिता परेशान हैं और पत्नी का कहना है कि भुवन सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर घर से निकले थे और तब से उनका कोई पता नहीं चला है। पत्नी को भरोसा है कि वे कोई गलत कदम नहीं उठा सकते।
गेवाड़ घाटी और चौखुटिया में तनाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार भुवन ने कहा था कि यदि 25 नवंबर तक मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री चौखुटिया आकर बेहतर अस्पताल की ठोस घोषणा नहीं करेंगे तो वे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। न कोई नेता आया और न कोई घोषणा हुई। अब उनके अचानक लापता हो जाने से पूरे क्षेत्र में चिंता है।
परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि यदि भुवन को कुछ भी होता है तो उसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। बाज़ार और आसपास के क्षेत्रों में खोज जारी है और लोग तुरंत कार्रवाई तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं। जो शुरुआत स्वास्थ्य सम्मान की लड़ाई के रूप में हुई थी, वह अब उस व्यक्ति की सुरक्षा की पुकार बन गई है जिसने यह आंदोलन खड़ा किया। चौखुटिया के लोग एक ही उम्मीद कर रहे हैं कि भुवन कठायत सुरक्षित मिल जाएं।

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