1 May 2026

Pahad Ka Pathar

Hindi News, हिंदी समाचार, Breaking News, Latest Khabar, Samachar

सीएम धामी ने द एस्ट्रोनॉमिकल इमेजरी पुस्तक का किया विमोचन, वैज्ञानिक आधार पर रिसर्च जारी रखने का दिया सुझाव

सीएम धामी ने द एस्ट्रोनॉमिकल इमेजरी पुस्तक का किया विमोचन, वैज्ञानिक आधार पर रिसर्च जारी रखने का दिया सुझाव

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिटेन के विश्व प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन गृह ‘कैंब्रिज स्कॉलर्स पब्लिशिंग’ से डॉ योगेश पांडे, मंजुलेश्वर पंडा, डॉ देवेंद्र बिष्ट एवं डॉ दीपक पांडे के नेतृत्व में संपादित पुस्तक _”द एस्ट्रोनॉमिकल इमेजरी: अनवेलिंग द फिजिक्स ऑफ स्पेस एंड एटमॉस्फेरिक वंडर्स”_ का विमोचन किया। अंतरिक्ष एवं वायुमंडलीय विज्ञान की भौतिकी पर प्रकाश डालती यह पुस्तक खगोलीय बिम्बविधान की महत्वता एवं उसके विविध अनुप्रयोगों पर वृहद चर्चा करती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ये पुस्तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने डॉ योगेश पांडे को भविष्य में भी इसी सोच और विचार के साथ शोध एवं लेखन कार्य जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर सचिवालय के अनेक सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

खगोलीय बिम्बविधान पर आधारित यह रचना अब प्रतिष्ठित केंब्रिज स्कॉलर्स पब्लिशिंग से प्रकाशित हो चुकी है। इस योगदानात्मक पुस्तक का संपादन मुख्य रूप से डॉ योगेश पांडे (सहायक प्राध्यापक, भौतिक विज्ञान विभाग, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर, कुमाऊं विश्वविद्यालय), श्री मंजुलेश्वर पंडा (स्वतंत्र खगोल विज्ञान शोधकर्ता, भूतपूर्व शोध प्रशिक्षु, आई आई टी इंदौर), डॉ देवेंद्र बिष्ट (सहायक प्राध्यापक, प्रकाशिक खगोल विज्ञान विभाग, भारतीय अंतरिक्ष भौतिकी केंद्र, कोलकाता), एवं डॉ दीपक पांडे (सहायक प्राध्यापक, संबद्ध विज्ञान विभाग, ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय, हल्द्वानी) के दिशानिर्देशन में हुआ है। इस योगदानात्मक परियोजना के निर्माण में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न शोधार्थियों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, और प्राध्यापकों के साथ ही भारत, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया, एवं अन्य देशों के अनुसंधान प्रतिभागियों का अभूतपूर्व योगदान रहा है जो इस पुस्तक को वैश्विक और बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

See also  जल संरक्षण के मुद्दे पर गठित समिति की बैठक में मुख्य सचिव के अहम निर्देश

ये रचना खगोलीय और वायुमंडलीय बिम्बविधान, अंतरिक्ष एवं वायुमंडल में प्रकाशिक भौतिकी, दूरबीन से लेकर पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों तक बिम्बविधान उपकरण, वायुमंडलीय घटनाएं: पृथ्वी के गतिशील आकाश का चित्रण, तारकीय और सौरमंडल बिम्बविधान, वायुमंडलीय प्रकाशिकी: प्रभामंडल, इंद्रधनुष, एवं उससे आगे, उच्च-ऊर्जा खगोल भौतिकी और वायुमंडलीय निगरानी, अंतरिक्ष और वायुमंडल में ध्रुवमापन और व्यतिमापन, खगोलीय एवं वायुमंडलीय बिम्बविधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मौसम और जलवायु का पूर्वानुमान, अंतरिक्ष और वायुमंडल में बहुवर्णक्रम बिम्बविधान, आकाशगंगा संबंधी खोजों से लेकर वायुमंडलीय अंतर्दृष्टियों तक खगोलीय बिम्बविधान की भूमिका, तथा अंतरिक्ष एवं वायुमंडलीय विज्ञान में खगोलीय बिम्बविधान के भविष्य पर परिचर्चा एवं अध्ययन करती है।

ये खंड सम्पूर्ण विश्व के प्रत्येक उस मानव को समर्पित है जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सत्य अन्वेषण के लिए प्राथमिकता के साथ काम करता रहा है। इस वैज्ञानिक रचना का प्राक्कथन लेखन अंतर्राष्ट्रीय पटल पर ख्यातिप्राप्त प्रोफेसर इंग-गुए जियांग (भौतिकी विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय त्सिंग हुआ विश्वविद्यालय ताइवान), प्रोफेसर यासिर हैंडी (अध्यक्ष, आकाशगंगा एवं बाह्य आकाशगंगा प्रयोगशाला, खगोल विज्ञान विभाग, राष्ट्रीय खगोल विज्ञान एवं भूभौतिकी अनुसंधान संस्थान, मिस्र), तथा डॉ प्रिया हासन (सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विज्ञान विभाग, मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद) के द्वारा किया गया है। इस योगदानात्मक परियोजना खंड के सफल प्रकाशन के लिए संपादक मंडल पुस्तक के सभी सम्मानित प्राक्कथन लेखकों, समीक्षकों, योगदानकर्ताओं, प्रकाशन गृह की संपूर्ण टीम, एवं इस परियोजना से जुड़े हुए सभी व्यक्तियों का कृतज्ञता के साथ सहृदय धन्यवाद प्रकट करता है।

See also  केंद्र के इस मंत्रालय से हुआ उत्तराखंड सरकार का करार

ये पुस्तक अब कैंब्रिज स्कॉलर्स पब्लिशिंग की आधिकारिक वेबसाइट, अमेजन, एवं अन्य सभी वैश्विक विक्रेताओं के पास अंतर्राष्ट्रीय पाठकों के लिए उपलब्ध है। विज्ञान बोध एवं खगोलीय चित्रण से सुसज्जित यह कृति अंतर्राष्ट्रीय पाठकों, विद्यार्थियों, अध्यापकों, शोधकर्ताओं, एवं आम जिज्ञासुओं के लिए प्रणीत है जो खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, और वायुमंडलीय विज्ञान में सुसंगत रुचि रखते हैं। शब्दार्थ और सरलता के बेमिसाल संगम में समाहित इस पुस्तक के अध्ययन के लिए विषय विशेष के पूर्व अपेक्षित ज्ञान की आवश्यकता नहीं है। इस वैज्ञानिक रचना के सफल अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन पर उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत, समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास, उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफ़ेसर विश्वनाथ खाली , भौतिक विज्ञान विभाग, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बाजपुर, कुमाऊं विश्वविद्यालय एवं अन्य सभी संबंधित पदाधिकारियों ने पुस्तक के संपादक मंडल को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।