उत्तराखंड में जसवंतगढ़ जिला बनाने की मांग तेज हो गई है। जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति इस मामले में लगातार सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अलग-अलग नेताओं से मिलकर अपनी बात रख रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह से 5 जनवरी को मुलाकात हुई। इस दौरान पूरे मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।

संघर्ष समिति ने साफ किया है कि वो जसवंतगढ़ को जिला बनवाने के लिए हर उस चौखट तक जाएंगे जहां से मांग पूरी हो सकती है। इससे पहले संघर्ष समिति ने स्थानीय विधायक महंत दिलीप रावत, कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल से विधायक सतपाल महाराज, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मंत्री टीपीएस रावत, गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से भी अपनी मांग पर डिटेल में चर्चा कर चुके हैं।
लंबे वक्त से जिला बनाने की मांग की जा रही है। जसंतगढ़ जिला संघर्ष समिति ने पीएमओ के भी खत भेजा था। पीएमओ ने इसका संज्ञान लेते हुए राज्यसरकार को इस पर आगे की कार्यवाही के लिए लिखा था।
भविष्य का रोडमैप तैयार- जिला संघर्ष समिति
जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति का संयोजक आरपी ध्यानी, अध्यक्ष कर्नल रि. राजदर्शन सिंह रावत, उपाध्यक्ष कर्नल रि. राम रतन सिंह नेगी , उपाध्यक्ष कैप्टन रि. जी एस नेगी और महासचिव आलम सिंह रावत लगातार एक मुहिम के तौर पर काम कर रहे हैं। जिला संघर्ष समिति ने 12 फरवरी से 17 फरवरी तक पूरे 6 विकासखंडों में जन संवाद यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। यानी नया जिला बनाने के लिए जनता से उनकी राय ली जाएगी और एक बार फिर सरकार तक सबकी बात पहुंचाई जाएगी।
जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति लगातार अपने काम में जुटी है, पदाधिकारियों का साफ कहना है कि छोटी इकाई बनेगी तो विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। विषम भौगौलिक परिस्थितियों और पौड़ी बड़ा जिला होने की वजह से एक हिस्से में अधिकारी ध्यान नहीं देते जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति ने अपने प्रयास जारी रखने का दावा किया है।

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