जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जिला आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण कर मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों, संचार व्यवस्था एवं त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षाकाल में किसी भी संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय रहें तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

जिलाधिकारी ने आपदा परिचालन केंद्र में स्थापित संचार व्यवस्था, कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, सूचना संकलन एवं प्रसारण प्रणाली, आपदा संबंधी अभिलेखों तथा उपकरणों का निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए तथा सड़क अवरोध, भूस्खलन, अतिवृष्टि एवं नदी-नालों के जलस्तर से संबंधित सूचनाओं का नियमित अद्यतन रखा जाए। सभी विभागों के नोडल अधिकारी 24×7 अलर्ट मोड में रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में वर्षा एवं भूस्खलन के कारण अवरुद्ध मोटर मार्गों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोलना सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सड़क बंद होने की सूचना मिलते ही मशीनरी एवं कार्मिकों को तत्काल मौके पर भेजा जाए तथा मार्गों को न्यूनतम समय में यातायात के लिए सुचारु किया जाए। साथ ही मार्ग खोलने की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अद्यतन सूचना जिला आपदा परिचालन केंद्र को उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि जिला आपदा परिचालन केंद्र से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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