जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आज गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर पालिका, पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था को बेहतर करने, जनपद में 20 कमरों से अधिक वाले होटलों में ईटीपी का निर्माण न किए जाने पर सख्त कार्रवाई करने, प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने हेतु नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इस दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को वन विभाग से संबंधित मामलों में समन्वय स्थापित कर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू करने के आदेश दिए। उन्होंने औद्योगिक अस्थान कालेश्वर में उद्योग संचालकों से वार्ता कर शीघ्र स्थापित ईटीपी का संचालन शुरू करवाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि नदियों के स्वच्छता को बनाए रखने के लिए जनपद में 17 एसटीपी का निर्माण किया गया है। बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत जनपद के नगर निकाय ने अप्रैल माह से वर्तमान तक प्लास्टिक कचरे को कॉपेक्ट कर बिक्री करके 25 लाख 17 हजार 326 रुपए की आय अर्जित की जा चुकी है। वहीं अप्रैल माह से वर्तमान कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 313 चालान किए गए हैं। जबकि एंटी लिटरिंग एंड एंडी स्पिटिंग एक्ट के तहत 571 चालान किए गए हैं
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, पेयजल निगम के एसई मोहम्मद वसीम अहमद, अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार आदि मौजूद थे।

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