जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में आज जिला सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति की बैठक आहूत की गई। इस दौरान वार्षिक ऋण जमा उपलब्धि, ऋण जमा अनुपात, बैंकिग नेटवर्क के साथ साथ राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की प्रायोजित ऋण योजनाओं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण व शहरी, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वाहन व गैरवाहन मद, होम स्टे, स्पेशल कंपोनेंट प्लान आदि योजनाओं की समीक्षा की गयी।

जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को सरकार द्वारा चलायी जा रही महत्वपूर्ण ऋण योजनाओं के आवेदनों को रिजेक्ट करने के कारण बताने और 40 प्रतिशत से कम सीडी प्रतिशत वाले बैंकों को इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी बैंकों को संबंधित विभाग के समन्वय से सरकारी योजनाओं के ऋण आवेदनों को लेकर एक समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों को लोगों का समय खराब ना हो। सभी विभागों को बैंक द्वारा रिजेक्ट किए गए आवेदनों पर अपने स्तर से भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी बैंक शाखा प्रबंधकों को निर्देशित किया कि आगामी तिमाही बैठक में शाखावार लक्ष्य प्रतिपूर्ति की रिपोर्ट उपलब्ध करायें। बैठक में लीड बैंक अधिकारी दान सिंह गर्ब्याल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में लक्ष्य 600 के सापेक्ष 673 आवेदन बैंक को भेजे गए जिसमें से 303 पर ऋण वितरित किया गया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 36 लक्ष्य के सापेक्ष 03 आवेदनों पर ऋण दिया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में 2035 आवेदन के सापेक्ष 1660 आवेदन पर ऋण वितरित किया गया। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना वाहन मद में 04 आवेदन के सापेक्ष 03, गैर वाहन मद में 14 के सापेक्ष 07 और होम स्टे में 37 आवेदन के सापेक्ष 11 आवेदनों पर ऋण वितरित किया गया। सितम्बर 2025 तिमाही में जनपद का ऋण जमा अनुपात 25.90 प्रतिशत रहा। इस दौरान नार्बाड के एजीएम श्रेयांश जोशी, राजेश सैनी सहित,बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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