6 October 2026

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पिथौरागढ़ में डीएम का एक्शन, बजट खर्च में सुस्ती बरतने वाले विभागों से जवाब तलब

पिथौरागढ़ में डीएम का एक्शन, बजट खर्च में सुस्ती बरतने वाले विभागों से जवाब तलब

जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में आज जिला मुख्यालय में जिला योजना, राज्य योजना एवं केंद्र सरकार पोषित योजनाओं के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की व्यय प्रगति, पच्चीस सूत्रीय कार्यक्रमों तथा प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना की व्यापक एवं उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025–26 के मध्य चरण में योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा। पिथौरागढ़ में डीएम का एक्शन, बजट खर्च में सुस्ती बरतने वाले विभागों से जवाब तलब

बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित बजट आवंटन, योजनाओं की प्रगति, वास्तविक व्यय, भौतिक उपलब्धियों तथा कार्यों में आ रही प्रशासनिक, तकनीकी एवं भौगोलिक बाधाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि जनपद पिथौरागढ़ में जिला योजना बजट का अब तक लगभग 79 प्रतिशत व्यय किया जा चुका है। औसत से कम व्यय प्रगति करने वाले विभागों पर जिलाधिकारी ने कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग शीघ्रता से व्यय की गति बढ़ाते हुए फरवरी माह के अंत तक न्यूनतम 90 प्रतिशत व्यय लक्ष्य अनिवार्य रूप से प्राप्त करें। जिलाधिकारी ने बैठक में अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को निर्देश दिए कि 80 प्रतिशत से कम व्यय करने वाले विभागों से स्पष्टीकरण प्राप्त किया जाए। संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की जाए तथा बैठक में अनुपस्थित अधिकारी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष के मध्य चरण तक योजनाओं में अपेक्षित तेजी लाना अनिवार्य है। यदि समय रहते प्रगति नहीं लाई गई तो अंतिम तिमाही में अत्यधिक दबाव उत्पन्न होगा, जिससे गुणवत्ता एवं लक्ष्य दोनों प्रभावित होंगे। लोक निर्माण विभाग पिथौरागढ़, लघु डाल, पशुपालन, कृषि, जल निगम, वन विभाग, पर्यटन विभाग, जल संस्थान बेरीनाग तथा सिंचाई खण्ड धारचूला की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने कड़ा असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं है।

जिन विभागों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई, उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शीघ्र ही जिला योजना एवं अन्य योजनाओं के अंतर्गत कार्यों में स्पष्ट सुधार दिखाई दे, अन्यथा संबंधित विभागों का आवंटित बजट वापस लेते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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बैठक में पच्चीस सूत्रीय कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गरीबी उन्मूलन, कृषि विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, किसानों की आय में वृद्धि, आवास एवं सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाएँ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं। इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल फाइलों तक सीमित न रहकर मैदानी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुँच सकेगा।

इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल की भी समीक्षा की तथा उसमें उपलब्ध डाटा की गहन समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्देशित किया कि विभागीय स्तर पर की गई प्रत्येक प्रगति को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अद्यतन किया जाए।

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जिलाधिकारी ने अंत में सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिला योजना, राज्य योजना एवं केंद्र सरकार पोषित योजनाओं की नियमित समीक्षा करेगा तथा अद्यतन प्रगति एवं डाटा समय-समय पर विभागीय वेबसाइट/पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि डाटा एवं रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहना चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी संतोष नबियाल, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।