12 July 2026

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राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां हाट कालिका के दर्शन, हुए भावुक

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने किए मां हाट कालिका के दर्शन, हुए भावुक

उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) मुनस्यारी से गंगोलीहाट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रसिद्ध मां हाट कालिका मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं जनपदवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए क्षेत्र के विकास, पर्यटन संभावनाओं एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान माननीय राज्यपाल ने मां हाट कालिका मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से भी भेंट कर मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मंदिर परिसर में विकसित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण तथा उनका सुव्यवस्थित विकास न केवल आस्था के केंद्रों को सुदृढ़ करता है, बल्कि पर्यटन संवर्धन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा प्रदान करता है।

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राज्यपाल ने कहा कि मां हाट कालिका के दर्शन एवं पूजा-अर्चना का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और आध्यात्मिक संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि लगभग चार दशकों तक भारतीय सेना में सेवा के दौरान उनका कुमाऊं रेजीमेंट से गहरा जुड़ाव रहा है और “जय मां कालिका” का उद्घोष सदैव सैनिकों के मनोबल एवं राष्ट्रसेवा की प्रेरणा का स्रोत रहा है।

उन्होंने कहा कि मां कालिका की कृपा और आशीर्वाद से भारतीय सैनिकों ने राष्ट्र की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए अद्वितीय योगदान दिया है। आज मां के दरबार में उपस्थित होकर उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा एवं आत्मिक शांति का अनुभव हो रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि गंगोलीहाट स्थित मां हाट कालिका मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि कुमाऊं की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने मंदिर समिति एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से लेने का आश्वासन देते हुए कहा कि कुमाऊं मंडल के प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं मंदिर श्रृंखला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

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उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिथौरागढ़ जनपद आज पर्यटन एवं धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। पिछले वर्षों की तुलना में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो जनपद की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत विश्वभर के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।

राज्यपाल ने क्षेत्रवासियों से संवाद करते हुए स्थानीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें राज्य की अमूल्य पहचान हैं, जिनके संरक्षण एवं संवर्धन के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सीमांत क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाएं, पर्यटन संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा स्थानीय जनसहभागिता के प्रयास प्रदेश के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगे तथा उत्तराखंड को विकास के नए आयामों तक पहुंचाएंगे।

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राज्यपाल ने मंदिर के पुजारियों, मंदिर समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से मां हाट कालिका धाम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने मां हाट कालिका से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति, प्रगति एवं कल्याण की कामना की।